June 25, 2026

सक्ती जिले में जल संरक्षण और नवाचार को प्राथमिकता दें: राज्यपाल रमेन डेका

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सक्ती जिले में जल संरक्षण और नवाचार को प्राथमिकता दें: राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर, 24 जून 2026: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकभवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सक्ती जिले के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ और हरियाली पर जोर

राज्यपाल ने अधिकारियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि सभी शासकीय कर्मचारी, चाहे वे किसी भी स्तर के हों, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने निर्देश दिए:

कार्यालयों और आवासों के परिसर में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें।

प्रधानमंत्री आवासों में ‘वाटर हार्वेस्टिंग’ प्रणाली अनिवार्य रूप से विकसित की जाए।

जनजातीय और वन क्षेत्रों में पुराने तालाबों, कुओं और वेटलैंड्स के पुनर्जीवन के लिए ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत कार्य किए जाएं।

प्री-मानसून और पोस्ट-मानसून जल स्तर का आकलन कर जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।

‘लखपति दीदी’ और नवाचार को बढ़ावा

महिला स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि समूहों को केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित न रखकर उन्हें नए और लाभकारी व्यवसायों से जोड़ा जाए। उन्होंने विशेष रूप से:

हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती की ओर ‘लखपति दीदीयों’ को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

जैविक खेती में ‘वैल्यू एडिशन’ (Value Addition) द्वारा किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने पर जोर दिया।

स्वास्थ्य और योग को जन-आंदोलन बनाने के निर्देश

राज्यपाल श्री डेका ने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमित योग करने वालों को सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हों। साथ ही, टीबी (T.B.) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जो मरीज जटिल बीमारियों से ग्रसित हैं, उन्हें प्राथमिकता से मेडिकल कॉलेज या एम्स जैसे संस्थानों में रेफर किया जाए।

राज्यपाल ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी सभी योजनाओं का क्रियान्वयन ‘परिणाम-मूलक’ दृष्टिकोण के साथ किया जाए।

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