August 8, 2026

शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन आज: जानें मां महागौरी की पूजा से क्या मिलता है फल व अष्टमी तिथि का महत्व

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शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन आज: जानें मां महागौरी की पूजा से क्या मिलता है फल व अष्टमी तिथि का महत्व

माँ महागौरी पूजा के लाभ: मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना नवरात्रि की अष्टमी तिथि को करने का विधान है। जानें मां महागौरी की पूजा करने से क्या फल मिलता है।

नवरात्रि अष्टमी 30 सितंबर 2025: हिंदू धर्म में नवरात्रि की अष्टमी तिथि का खास महत्व है। नवरात्रि की अष्टमी को दुर्गा अष्टमी या महा अष्टमी कहा जाता है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां महागौरी का वाहन बैल और उनका शस्त्र त्रिशूल है।

मान्यता है कि मां महागौरी की पूजा करने से मनवांछित फल मिलता है। मां का यह स्वरूप भक्तों को अभय, रूप व सौंदर्य प्रदान करता है। इस साल चतुर्थी तिथि की वृद्धि होने के कारण नवरात्रि नौ नहीं बल्कि दस दिनों के है। इस बार नवरात्रि की अष्टमी 30 सितंबर, मंगलवार को है। जानें मां महागौरी की पूजा से क्या फल मिलता है।

मां महागौरी पूजा के मुख्य लाभ: हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही मन-मस्तिष्क में एकाग्रता आती है। रुकावटों या बाधाओं से मुक्ति मिलती है। सुहागिन स्त्रियो को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है और कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। मां महागौरी की कृपा से पापों का नाश होता है।

अष्टमी तिथि कब से कब तक रहेगी: हिंदू पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 29 सितंबर को शाम 04 बजकर 31 मिनट पर प्रारंभ और 30 सितंबर को शाम 06 बजकर 06 मिनट पर समाप्त होगी।

नवरात्रि आठवें दिन का शुभ रंग: मां महागौरी की पूजा करते समय सफेद, पीले या गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना गया है। मां महागौरी का प्रिय रंग सफेद है।

महा अष्टमी का महत्व: मान्यता है कि मां महागौरी की पूजा करने से सभी नौ देवियां प्रसन्न होती हैं। कहा जाता है कि भगवान शिव ने अपनी जटा से बह रहीं मां गंगा के पावन जल से मां महागौरी का अभिषेक किया था। मां भगवती ने पूर्ण गौर वर्ण धारण किया। नवरात्रि की अष्टमी सौभाग्य का प्रतीक मानी गई हैं।