September 30, 2026

हत्या के षड्यंत्र में शामिल एक महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार ,

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प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

जांजगीर चाम्पा – लगभग डेढ़ माह पहले प्रेम प्रसंग के चलते हत्या के षड्यंत्र में शामिल एक महिला समेत तीन आरोपियों को थाना मुलमुला पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। वहीं एक अन्य आरोपी को पुलिस रिमांड लेकर फोरेंसिक इन्वेस्टीगेशन का आधुनिक तकनीकी परीक्षण कराया जायेगा।

एसपी कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जिले के तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने इस हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुये बताया मुलमुला थाना अंतर्गत ग्राम कोसा निवासी मृतक अमित भंडारी का गांव के ही युवती संतोषी सिंह से उसके विवाह की पूर्व से ही प्रेम प्रसंग था। विवाह के बाद भी वे आपस में बातें किया करते थे , अमित भंडारी बाहर रहकर काम किया करता था। जब – जब वह गांव वापस लौटता था तब संतोषी भी अपने पति से लड़ झगड़ कर गांव आ जाती थी और गांव में दोनो रात – रात भर फोन से बातें करते थे। घटना दिनांक की रात को भी अमित भंडारी और संतोषी सिंह रात को लगभग डेढ़ बजे तक फोन में बातें करते रहे। इसके बाद रात्रि लगभग ढाई बजे संतोषी सिंह से मिलने अमित उसके घर के पीछे पहुंचा।

उसी समय संतोषी सिंह का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा तथा घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर जब वह घर के पीछे गया। वहां अपनी बहन के साथ मृतक अमित को देखकर अपना आपा खो बैठा और वहीं मृतक से वाद विवाद कर मारपीट चालू कर दी। अंधेरे में मृतक अमित का सर पीछे दीवार में टकराने से वहां खून का धब्बा लग गया था , अमित भंडारी वहां से जान बचाकर भागने की नियत से पीछे दीवार को फांदने का प्रयास कर रहा था। तभी आरोपी बजरंग सिंह ने पास ही पड़े छोटे फावड़े/रांपा से अमित के सिर और छाती पर वार कर उसकी हत्या कर दी। आवेश में आकर हत्या करने के बाद घबराकर बजरंग सिंह ने अमित की लाश को पीछे बाड़ी में ही झुरमुट के नीचे छुपा दिया था , क्योंकि उसी रात गांव में चोरी होने की सूचना पर डायल 112 गांव कोसा आया हुआ था। रात में गांव में लोग जगे हुये थे , जिससे उसी रात को ही अमित की लाश को कहीं अन्य रखने पर पकड़े जाने का खतरा था।

इस पूरी घटना को उसकी बहन संतोषी सिंह ने देखा था और मृतक के शव को छुपाने में मदद भी की थी। अगले दिन 28 जून को जब आरोपी बजरंग सिंह का बड़ा भाई पप्पू सिंह काम के बाद वापस गांव लौटा तो बजरंग ने बीती रात की पूरी घटना उसे बताई और उसे सहयोग करने के लिये कहा। दोनों प्लान बनाकर मृतक के परिजनों के साथ अमित भंडारी को ढूंढने का नाटक करते रहे और पुलिस को चकमा देने की नियत से परिजनों के साथ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने पुलिस थाना मुलमुला भी गये थे । बाद में रात को वापस गाँव आकर दोनो आरोपीयों ने 28 जून की मध्य रात्रि लगभग बारह बजे मौका देखकर अमित भंडारी के शव को गांव के बीचो-बीच ऐसे स्थान पर रख दिया , जहां पुलिस को उन पर शक ना हो।

पुलिस टीम द्वारा सूचना मिलने पर अगले दिन 29 जून को अज्ञात में अपराध पंजीबद्ध कर विभिन्न पहलुओं पर सघन जांच की जा रही थी। बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग विमला द्वारा दिये गये लीड , आरोपियों के लोकेशन , घटना के बाद इनका संदिग्ध व्यवहार , पूछताछ में बार-बार कथन में बदलाव तथा नार्को टेस्ट , पॉलीग्राफ व ब्रेन मैपिंग द्वारा संदेह रहित हो जाने के बाद आरोपियों से जब पुनः सख़्ती से पूछताछ की गई तो आरोपियों द्वारा घटना करना कबूल कर लिया गया। घटना में प्रयुक्त हथियार छोटा फावड़ा/ रांपा और मृतक के शव को ले जाकर अन्यत्र रखने के लिये उपयोग में लाई गई छोटी सीढ़ी को पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही में बरामद किया। विभिन्न तकनीकी बिंदुओं को जोड़ते हुये जिला पुलिस कप्तान द्वारा SIT बनाकर किये गये जांच में इस मामले का खुलासा हो सका। तीनों आरोपियों बजरंग सिंह संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर लिया। इनमें से संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया तथा बजरंग सिंह का पुलिस रिमांड लेकर फॉरेंसिक इन्वेस्टीगेशन का आधुनिक तकनीकी परीक्षण कराया जायेगा।

गिरफ्तार आरोपीगण –

बजरंग सिंह निवासी – कोसा , संतोषी सिंह निवासी – हथनेवरा चांपा (मायका कोसा) और पप्पू सिंह निवासी – कोसा , थाना – मुलमुला , जिला – जांजगीर चाम्पा (छत्तीसगढ़)।‌