गोल्ड लोन के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने लागू किए नए नियम कांग्रेस सांसदों ने जताई चिंता
गोल्ड लोन के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने लागू किए नए नियम कांग्रेस सांसदों ने जताई चिंता
नई दिल्ली,भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा आभूषण ऋण (गोल्ड लोन) को लेकर लागू किए गए नए नियमों पर कांग्रेस सांसदों ने चिंता जताई है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इस नीति में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि नए नियम छोटे व्यापारियों और आम जनता पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाल सकते हैं।
क्या हैं RBI के नए नियम?
RBI ने हाल ही में गोल्ड लोन से जुड़े कुछ नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो में बदलाव और ऋण पुनर्भुगतान नियमों में सख्ती शामिल है।
इसके तहत:
गोल्ड लोन के लिए अधिक कठोर नियम लागू किए गए हैं।
LTV रेशियो घटाकर 75% कर दिया गया है, जिससे उधार लेने वालों को कम राशि मिल सकेगी।
ऋण पुनर्भुगतान की समय सीमा को सख्त किया गया है, जिससे छोटे व्यापारियों पर असर पड़ेगा।
कांग्रेस सांसदों की आपत्ति क्यों?
कांग्रेस सांसदों का कहना है कि इन नियमों से आम लोग, छोटे व्यापारी और किसान सबसे अधिक प्रभावित होंगे, क्योंकि वे अक्सर गोल्ड लोन का उपयोग व्यवसाय चलाने और आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए करते हैं। नए नियमों से उन्हें मिलने वाली ऋण राशि कम हो जाएगी और कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ेगा।
वित्त मंत्री से क्या मांग की गई?
📌 गोल्ड लोन की शर्तों को पहले जैसा बनाए रखने की अपील।
📌 LTV रेशियो को 90% तक बढ़ाने की सिफारिश।
📌 ऋण चुकाने की समय-सीमा को लचीला बनाने की मांग।
सरकार का रुख क्या है?
वित्त मंत्रालय की ओर से अभी इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार आर्थिक स्थिरता और बैंकों के जोखिम को कम करने के लिए इन नियमों को लागू कर रही है।
क्या होगा आगे?
अगर सरकार कांग्रेस सांसदों की मांग पर विचार करती है, तो RBI कुछ नियमों में ढील दे सकता है। लेकिन अगर मौजूदा नीति जारी रहती है, तो गोल्ड लोन लेने वालों को अधिक सख्त शर्तों के साथ ऋण लेना पड़ेगा।
