September 29, 2026

रायपुर में गणेश विसर्जन झांकी में कई बदमाशों को किया गिरफ्तार, कड़े भी जब्त

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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर की चार दशकों से अधिक पुरानी परंपरा और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक गणेश उत्सव एवं भव्य गणेश विसर्जन झांकी इस वर्ष शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। गणेश स्थापना से लेकर विसर्जन तक करीब 15 दिनों के पूरे आयोजन के दौरान कोई बड़ी वारदात सामने नहीं आई। विसर्जन झांकी भी बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक पूरी हुई। इस दौरान रायपुर पुलिस ने 6 जोन और 24 सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था संभाली तथा ड्रोन, ITMS और CCTV कैमरों सहित आधुनिक तकनीकी संसाधनों से लगातार निगरानी की।

इस वर्ष गणेश विसर्जन झांकी में पिछले साल की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक झांकियां शामिल हुईं। पिछले वर्ष जहां 62 झांकियां निकली थीं, वहीं इस बार 74 झांकियां विसर्जन के लिए निकलीं। श्रद्धालुओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पुलिस के अनुसार विसर्जन झांकी में 5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है। रायपुर की गणेश उत्सव एवं विसर्जन परंपरा को देखते हुए पुलिस ने करीब दो महीने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। गणेश स्थापना समितियों, आयोजकों और संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय किया गया। थाना स्तर पर आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी गई।

अपराध और आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए पुलिस ने आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट, NDPS एक्ट, प्रतिबंधात्मक धाराओं और वारंट तामीली के तहत व्यापक कार्रवाई की। बड़ी संख्या में संदिग्धों और आदतन अपराधियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा गया। पूरे गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रतिदिन करीब 700 से 800 पुलिस अधिकारी और जवान अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहे। प्रमुख चौक-चौराहों, गणेश पंडालों, झांकी मार्ग, संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया।

पुलिस टीमों द्वारा लगातार फील्ड पेट्रोलिंग की गई। भीड़ की स्थिति और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल पुलिस बल भेजकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस वर्ष झांकियों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण यातायात पुलिस ने भी विशेष तैयारी की थी। आम नागरिकों और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन के लिए प्रमुख मार्गों पर विशेष यातायात व्यवस्था बनाई गई। कई स्थानों पर डायवर्जन, बैरिकेडिंग और अतिरिक्त यातायात पुलिस बल तैनात किया गया।

यातायात व्यवस्था के साथ अपराध की रोकथाम में भी ट्रैफिक पुलिस की भूमिका रही। चेकिंग और निगरानी के दौरान 15 से अधिक चोरी के वाहन बरामद किए गए। इसके अलावा कई संदिग्ध व्यक्तियों को चाकू और अन्य आपत्तिजनक सामान के साथ पकड़ा गया और संबंधित थानों को सौंपकर वैधानिक कार्रवाई की गई। विसर्जन झांकी के दिन सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई। 50 से अधिक राजपत्रित पुलिस अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और जवान महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात रहे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मैदान में मौजूद रहकर कानून-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की लगातार निगरानी करते रहे।

विसर्जन झांकी के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और आदतन अपराधियों पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस ने 22 से अधिक चाकू, 4 कैंची, पंच और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया। संबंधित मामलों में आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त पुलिस ने करीब 400 किलोग्राम, यानी लगभग 6000 से अधिक कड़े भी बरामद किए। कई लोगों को शराब की छोटी बोतलों के साथ पकड़ा गया। विसर्जन झांकी के दौरान 50 से अधिक लोगों को प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

मोबाइल चोरी और पॉकेटमारी की घटनाओं पर भी पुलिस की विशेष नजर रही। निगरानी और चेकिंग के दौरान ऐसी घटनाओं में शामिल कुछ आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने भीड़ वाले इलाकों में सादे कपड़ों में भी कर्मचारियों को तैनात रखा। गणेश उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को रोकने के लिए DCP क्राइम के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच ACCU के साथ करीब 200 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई थी। यह टीम विशेष रूप से संदिग्धों, आदतन अपराधियों और भीड़ में सक्रिय असामाजिक तत्वों पर नजर रख रही थी। इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया। ड्रोन, ITMS, CCTV कैमरे और अन्य तकनीकी माध्यमों से प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी की गई। भीड़ का दबाव बढ़ने, यातायात बाधित होने या किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस बल भेजा गया।

पुलिस के अनुसार व्यापक सुरक्षा योजना का सकारात्मक परिणाम सामने आया। पिछले वर्ष की तुलना में अधिक झांकियां, बड़ी संख्या में आयोजन और 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था नियंत्रित रही। गणेश स्थापना समितियों, जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों और मीडिया के सहयोग को भी पुलिस ने आयोजन की सफलता का महत्वपूर्ण कारण बताया है। पुलिस की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देश और अपील को समितियों ने स्वीकार किया और व्यवस्थाओं में सहयोग किया।