वित्त विधेयक-2025 को 35 सरकारी संशोधनों के साथ किया गया मंजूरी
वित्त विधेयक-2025 को 35 सरकारी संशोधनों के साथ किया गया मंजूरी
दिल्ली ,गुरुवार को राज्यसभा ने वित्त विधेयक-2025 को 35 सरकारी संशोधनों के साथ लोकसभा को लौटा दिया, जिससे 1 फरवरी से शुरू हुआ 2025-26 का बजट कार्य पूरा हो गया। वित्त विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मंत्रालय की प्रवृत्ति सावधानी बरतने और राजस्व को कम नहीं होने देने की होगी। उन्होंने कहा, “लेकिन, यहां हम भारतीय करदाताओं के प्रति अपना सम्मान दिखाना चाहते थे।
हमने 12 लाख रुपये की सीमा तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिसके बाद किसी को कोई कर नहीं देना होगा।” सीतारमण ने कहा कि वित्त विधेयक का उद्देश्य कर निश्चितता लाना और व्यापार को आसान बनाना है। उन्होंने कहा, “बजट दर बजट, हम बैटरी के लिए विनिर्माण केंद्र बनने की भारत की आकांक्षा को पूरा करने के लिए शुल्क कम कर रहे हैं।” विज्ञापन उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क में कमी करके सरकार ने छोटे और मध्यम उद्योगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है जो मध्यवर्ती वस्तुओं का आयात करते हैं।
कांग्रेस के पी चिदंबरम, जिन्होंने कहा था कि बजट गायब हो गया है, के जवाब में सीतारमण ने कहा कि 2014 में जब एनडीए सत्ता में आई थी, तब भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी, आज भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। राजकोषीय नीति पर चिदंबरम ने कहा कि जब एनडीए सरकार ने मई 2014 में सत्ता संभाली थी, तो पिछले वर्ष के अंत में राजकोषीय घाटा 4.5% था और 2024-25 के अंत में यह 4.8% होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था वापस वहीं पहुंच जाएगी जहां से इसकी शुरुआत हुई थी।
इस बीच, सीतारमण ने कहा कि पहली बार सरकार ने सातवें वेतन आयोग से पहले और बाद के पेंशनभोगियों के बीच पूर्ण समानता लागू की है। बजट 2025-26 में 50.65 ट्रिलियन रुपये के व्यय की परिकल्पना की गई है, जो 7.4% की वृद्धि है। अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित कुल पूंजीगत व्यय 11.22 ट्रिलियन रुपये है और प्रभावी पूंजीगत व्यय 15.48 ट्रिलियन रुपये है।
