November 5, 2026

Dhanteras 2026 Shubh Muhurat: कब है धनतेरस? 6 या 7 नवंबर? जानें सटीक तारीख, लक्ष्मी-कुबेर पूजन का प्रदोष काल और खरीदारी का मुहूर्त

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धनतेरस 2026 शुभ मुहूर्त

दिवाली के पंच दिवसीय पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। यह दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की उपासना के लिए समर्पित है। हिंदू धर्म में धनतेरस के दिन सोना-चांदी, नए बर्तन या किसी नई चीज को खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन लोग अपने घरों में दीपक जलाते हैं और विधिपूर्वक पूजा करने के साथ ही मां लक्ष्मी के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। हर साल कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस साल कुछ लोगों का मत है कि धनतेरस 6 नवंबर को मनाना उत्तम रहेगा, जबकि कुछ 7 नवंबर को त्रयोदशी तिथि का मान्य बता रहे हैं। जानें इस साल धनतेरस कब है और खरीदारी का शुभ मुहूर्त।

6 नवंबर को धनतेरस मनाना क्यों उत्तम?

हिंदू पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि 06 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर प्रारंभ होगी और त्रयोदशी तिथि का समापन 07 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर होगा। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि त्रयोदशी तिथि का मान्य 6 नवंबर को रहेगा। इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। शास्त्रों में वर्णित है कि धनतेरस के दिन पूजा प्रदोष काल में सर्वोत्तम रहती है। 6 नवंबर को प्रदोष काल युक्त त्रयोदशी तिथि व्याप्त रहेगी, जो कि मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वतंरि की पूजा के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है। 7 नवंबर को त्रयोदशी तिथि का समापन सुबह के समय हो जाएगा, इसलिए पूजन प्रदोष मुहूर्त प्राप्त नहीं हो रहा है।

धनतेरस पर पूजन का शुभ मुहूर्त:

धनतेरस पर मुख्य पूजा मुहूर्त यानी संध्या काल शाम 06:02 बजे से रात 07:57 बजे तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 01 घंटा 56 मिनट की रहेगी। प्रदोष काल शाम 05 बजकर 33 मिनट से रात 08 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। वृषभ काल यानी स्थिर लग्न पूजन मुहूर्त शाम 06 बजकर 02 मिनट से रात 07 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।

6 नवंबर को सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त 2026:

पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि त्रयोदशी तिथि सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू हो जाएगी और अगले दिन करीब 11 बजे तक रहेगी। त्रयोदशी तिथि में 6 नवंबर को धनतेरस के दिन पूरे और शाम को खरीदारी करना उत्तम रहने वाला है। हालांकि सोना-चांदी खरीदने के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक रहने वाला है।

धनतेरस पर दीपदान का मुहूर्त:

पंडित जी के अनुसार, धनतेरस के दिन पूजन और खरीदारी के साथ दीपदान का भी विशेष महत्व है। इस दिन परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के साथ अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति के लिए संध्याकाल में घर के बाहर दक्षिण दिशा में यम के नाम का दीपक जलाने की परंपरा है। यम का दीपक सूर्यास्त के बाद जलाया जा सकता है। प्रदोष काल में दीपदान करने से उत्तम फलों की प्राप्ति होती है।

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