April 29, 2026

छत्तीसगढ़ की बेटी डॉ.उर्वशी साहू को ‘डॉक्टर ऑफ फोक आर्ट्स’ की चेन्नई में मिली उपाधि, राज्य के लिए गर्व का क्षण

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इतेश सोनी रायपुर – छत्तीसगढ़ की मशहूर लोक कला अभिनेत्री डॉ. उर्वशी साहू को चेन्नई में ‘डॉक्टर ऑफ फोक आर्ट्स’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न केवल उर्वशी के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। गरीब कलाकार परिवार से ताल्लुक रखने वाली उर्वशी ने बचपन से ही लोक कला को जीवित रखने के लिए संघर्ष किया। उनके अथक प्रयास और मेहनत का ही परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ की लोक कलाएं देशभर में पहचान बना रही हैं। उर्वशी साहू ने अपने अनोखे और प्रभावशाली प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक कला को पहुंचाया है। उनकी यह सफलता उन सभी कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित साधनों के बावजूद अपनी कला को जीवित रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

लोक कला को जीवित रखने का वादा

उर्वशी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, गुरुजनों और छत्तीसगढ़ के लोगों को दिया। उन्होंने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक कला और संस्कृति का है। मैं हमेशा इसे आगे बढ़ाने के लिए समर्पित रहूंगी।”

राज्य में खुशी की लहर

उर्वशी को मिले इस सम्मान से पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है। कई राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

उर्वशी साहू: लोक कला की पहचान बनीं

छत्तीसगढ़ की बेटी उर्वशी साहू, जो एक गरीब कलाकार परिवार से आती हैं, ने अपने जीवन को छत्तीसगढ़ की लोक कला को समर्पित कर दिया है। हाल ही में चेन्नई में उन्हें ‘डॉक्टर ऑफ फोक आर्ट्स’ की उपाधि से नवाजा गया। यह उनके वर्षों के संघर्ष और कड़ी मेहनत का परिणाम है।

संघर्षों से मिली पहचान

उर्वशी ने बचपन से ही लोक नृत्य और गायन की विभिन्न विधाओं में महारत हासिल की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की परंपराओं को सहेजने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अनगिनत चुनौतियों का सामना किया। उनके इस योगदान के लिए न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में उनकी सराहना हो रही है।

देशभर में बढ़ाई राज्य की पहचान

उर्वशी साहू ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति को देशभर में फैलाने का काम किया है। उनकी कला ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। राज्य के मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने भी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

भविष्य का लक्ष्य

उर्वशी ने कहा कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की कला को अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाना है। उन्होंने अन्य कलाकारों को भी प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अपने परिश्रम और जुनून से हर सपना साकार किया जा सकता है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने के लिए उर्वशी की अद्वितीय प्रतिबद्धता और योगदान का प्रतीक है।

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