September 30, 2026

छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेज स्नातकोत्तर कोर्स भर्ती में जीरो ईयर होने का खतरा

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छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेज स्नातकोत्तर कोर्स भर्ती में जीरो ईयर होने का खतरा

रायपुर/20 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने कहा कि पिछले तीन महीना में चली आ रही स्नातकोत्तर काउंसलिंग में बार-बार प्रकाशित नियमों में बार-बार फेरबदल होने से सरकार और स्नाकोत्तर सीट में भर्ती के इच्छुक मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त छात्रों के बीच माननीय सुप्रीम कोर्ट और माननीय हाईकोर्ट बिलासपुर में सुनवाई लगातार जारी है।

ज्ञात हो स्वास्थ्य विभाग ने अखिल भारतीय मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद राज्य सीटों के कोटे में परिवर्तन कर दिया है जिसके कारण छत्तीसगढ़ के सभी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्रों का कोटा घटकर 25 प्रतिशत रह गया था।

न्याय की गुहार पाने के लिए इच्छुक विद्यार्थी माननीय सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट पहुंचे हैं, प्रकाशित नियम देश के सभी राज्यों में प्रचलित सीट आवंटन प्रक्रिया का उल्लंघन है।

पिछले सप्ताह माननीय सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान माननीय कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को माननीय हाई कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने का आदेश दिया था, जिसे राज्य सरकार ने करने में देरी की है, रिव्यू पिटिशन दायर करने के बाद छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस पढ़े हुए छात्रों को न्याय प्राप्त हो सकेगा, लेकिन आज तक स्वास्थ्य विभाग ने रिव्यू पिटीशन फाइल ना करके कथनी और करनी में अंतर साबित कर दिया है।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया से बातचीत में यह कहा था कि सरकार हर हाल में छत्तीसगढ़ी छात्रों के साथ खड़ी हुई है। माननीय बिलासपुर हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल न करने की स्थिति में छात्रों को मार्च की सुनवाई का इंतजार करना होगा। इस बीच मेडिकल स्नातकोत्तर भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह रुकी हुई है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्री की अकर्मण्यता और वादाखिलाफी की कड़ी आलोचना की है और प्रारंभिक राजपत्र के प्रशासन को मान्य करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य मेडिकल कॉलेजों के छात्रों का कोटा पुनः 50 प्रतिशत बहाल रखने की मांग की है।

डॉ. राकेश गुप्ता ने इस विषम परिस्थिति में जीरो ईयर के खतरे के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अदूरदर्शिता को जिम्मेदार ठहराते हुए भाजपा सरकार को अन्य सभी राज्यों में प्रचलित परंपरा का पालन करते हुए 50 प्रतिशत अखिल भारतीय छात्रों के लिए और 50 प्रतिशत छत्तीसगढ़ के पास छात्रों के लिए सीट रिजर्व करके बगैर देरी किए काउंसलिंग प्रारंभ कराई जानी चाहिए और माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार खुद माननीय हाई कोर्ट बिलासपुर में रिव्यू पिटीशन दायर करें।

 

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