1 अप्रैल से इंदौर में जमीन खरीदना पड़ेगा महंगा…
1 अप्रैल से इंदौर में जमीन खरीदना पड़ेगा महंगा…
इंदौर,इंदौर में जमीन खरीदने वालों को 1 अप्रैल से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। प्रशासन ने जिले में 4972 स्थानों पर सरकारी गाइडलाइन दरों (सर्किल रेट) में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है, जिससे स्टाम्प ड्यूटी भी महंगी हो जाएगी।
किन इलाकों में होगा असर?
राजस्व विभाग के अनुसार, मुख्य रूप से शहरी और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में जमीन की सरकारी दरें बढ़ाई जाएंगी। इनमें सुपर कॉरिडोर, बायपास, स्कीम 94, 140, 155, एमआर-10, एमआर-11, कनाडिया रोड, एबी रोड, विजय नगर, स्कीम 78, महू नाका और रिंग रोड जैसे इलाकों में बढ़ोतरी होगी।
स्टाम्प ड्यूटी भी बढ़ेगी
सरकारी दरें बढ़ने से स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी बढ़ जाएगा, जिससे प्रॉपर्टी खरीदना महंगा पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी क्षेत्र में गाइडलाइन रेट 5000 रुपये प्रति वर्ग फीट था और वह 10% बढ़ जाता है, तो उसकी नई कीमत 5500 रुपये प्रति वर्ग फीट होगी। इसी आधार पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी इजाफा होगा।
क्यों बढ़ाई जा रही हैं दरें?
राजस्व विभाग का कहना है कि इंदौर में रियल एस्टेट की बढ़ती मांग और लगातार ऊंची होती बाजार दरों को देखते हुए सरकारी कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
रियल एस्टेट कारोबार पर असर
गाइडलाइन रेट बढ़ने से जमीन और मकानों की कीमतें बढ़ जाएंगी, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर पर भी असर पड़ेगा। बिल्डर्स और प्रॉपर्टी डीलरों का मानना है कि इससे आम लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल होगा, जबकि सरकार का राजस्व बढ़ेगा।
कैसे प्रभावित होंगे खरीदार?
घर खरीदने वालों को अधिक रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा।
नए प्रोजेक्ट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
बजट घरों की खरीदारी पर सीधा असर पड़ेगा।
क्या कहते हैं जानकार?
विशेषज्ञों का कहना है कि गाइडलाइन दरें बढ़ाने से सरकारी राजस्व में तो इजाफा होगा, लेकिन प्रॉपर्टी बाजार में मंदी आ सकती है। बिल्डरों का मानना है कि अगर ज्यादा बढ़ोतरी हुई, तो निवेशक पीछे हट सकते हैं।
अब क्या करें?
अगर आप जमीन या घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 31 मार्च से पहले रजिस्ट्रेशन करा लें, ताकि नई दरों से बचा जा सके।
