भगवान श्री सांवलिया सेठ के भंडार की गिनती का काम 6 चरणों में पूरा किया
भगवान श्री सांवलिया सेठ के भंडार की गिनती का काम 6 चरणों में पूरा किया
श्री सांवलिया सेठ मेवाड़, राजस्थान में बैठे हैं, जहां भक्त भगवान श्रीकृष्ण को अपना बिजनेस पार्टनर बनाकर व्यापार करते हैं. और फिर सालभर का लेखा-जोखा होता है. इस प्रसिद्ध मंदिर में भगवान श्री सांवलिया सेठ के भंडार की गिनती का काम 6 चरणों में पूरा किया गया. इस बार चढ़ावे की रकम ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. खजाने में करीब 35 करोड़ रुपये आये हैं. जबकि सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा अलग-अलग हैं.
भंडार एवं बैठक कक्ष कार्यालय से 25 करोड़ 61 लाख 67 हजार 581 रुपये की राशि निकाली गयी, जो अब तक का रिकॉर्ड है. इसके साथ ही करीब 2.5 किलो सोना और 188 किलो चांदी भी मिली. कहा जाता है कि सांवलिया सेठ के मंदिर में जितना प्रसाद चढ़ाया जाता है भगवान सांवलिया सेठ उतना ही प्रसाद दान करते हैं.
श्री सांवलिया सेठ. कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को ठाकुरजी का भण्डार खोला जाता है. प्रथम चरण में 11 करोड़ 34 लाख 75 हजार रु. दूसरे चरण में 3 करोड़ 60 लाख रु. तीसरे चरण में 4 करोड़ 27 लाख 80 हजार रु. चौथे चरण में 2 करोड़ 73 लाख 90 हजार रु. पांचवें चरण में 3 करोड़ 51 हजार 29 हजार 500 रुपये तथा छठे चरण की गणना में 13 लाख 93 हजार 81 रुपये की राशि प्राप्त हुई. इस बार भगवान श्री सांवलिया सेठ के भंडार से कुल 25 करोड़ 61 लाख 67 हजार 581 रुपये की राशि प्राप्त हुई.
इसके अलावा 20 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी मिली, जिसमें अमेरिकी डॉलर और फ्रांसीसी मुद्राएं भी शामिल हैं. छठे चरण की गणना के बाद ठाकुरजी के खजाने से प्राप्त संपूर्ण धनराशि की गणना पूरी हो गई है. श्रीसांवलिया जी मंदिर मंडल के विजिटिंग कार्यालय में 9.30 करोड़ रुपये नकद और मनीऑर्डर के रूप में भी राशि प्राप्त हुए हैं.
