क्या है ड्राई आई सिंड्रोम? जानिए इसके कारण और बचने के उपाय…
क्या है ड्राई आई सिंड्रोम? जानिए इसके कारण और बचने के उपाय…
ड्राई आई सिंड्रोम, आंखों की नसें सूखती क्यों हैं? दरअसल, यहां “आंखों की नसों का सूखना” कहना थोड़ा भ्रामक हो सकता है. असल में यह “ड्राई आई सिंड्रोम या आंखों में सूखापन से जुड़ी समस्या होती है, जो आंखों की सतह को नम रखने वाले आंसुओं की कमी या उनकी गुणवत्ता के खराब होने की वजह से होती है. आइए विस्तार से समझते हैं कि आंखों में सूखापन या ड्राईनेस क्यों होती है.
आंखों की नसें क्यों “सूखती” हैं?
डिजिटल स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल: लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप, टीवी आदि देखने से पलकें कम झपकती हैं. इससे आंखों पर सूखापन पड़ता है, क्योंकि झपकने से ही आंखों पर नमी बनी रहती है.
उम्र बढ़ना : उम्र बढ़ने के साथ आंसू ग्रंथियों का काम धीमा हो जाता है. खासकर 50 की उम्र के बाद ड्राई आई की संभावना बढ़ जाती है.
एयर कंडीशनर या प्रदूषण: सूखी हवा, धूल या धुएं वाले वातावरण में रहने से आंखों की नमी उड़ जाती है.
कुछ दवाइयों का सेवन: जैसे ऐंटिहिस्टेमिन्स, डिप्रेशन की दवाएं, बीपी की दवाएं आदि आंसू उत्पादन को कम कर सकती हैं.
ऑटोइम्यून रोग: जैसे शुगर (डायबिटीज़), थायरॉइड, शोजेग्रेन सिंड्रोम आदि बीमारियों में आंसू ग्रंथियां प्रभावित होती हैं.
कॉन्टैक्ट लेंस का ज्यादा इस्तेमाल: लंबे समय तक लेंस पहनने से आंखों की सतह में सूखापन हो सकता है.
मेकअप या केमिकल्स का आंखों के पास इस्तेमाल: खराब क्वालिटी के मेकअप उत्पाद या आंखों के पास के स्किन प्रोडक्ट्स नमी को प्रभावित कर सकते हैं.
लक्षण
1. आंखों में जलन या चुभन
2. आंखों में भारीपन या थकान
3. धुंधला दिखना
4. आंखों से कम आंसू आना या जरूरत से ज्यादा पानी आना (रिफ्लेक्स टीयर्स)
5. लाइट से परेशानी
6. आंखों में लालिमा
बचाव और उपाय
1. स्क्रीन टाइम कम करें और हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें
2. आंखें बार-बार झपकाएं
3. आंखों के लिए लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स (Artificial Tears) डॉक्टर की सलाह से लें
4. ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें अगर आप एयर कंडीशनर में रहते हैं
5. संतुलित आहार लें – ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन A, C और E आंखों के लिए अच्छे हैं
6. धूप में सनग्लासेस पहनें
7. धूम्रपान और शराब से बचें
