August 8, 2026

कार्तिक पूर्णिमा पर बन रहे हैं 2 अद्भुत संयोग

Kartik Purnima

इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से मिलेगा संपूर्ण फल

हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्‍व माना जाता है। इस दिन भगवान विष्‍णु के साथ ही भगवान शिव की पूजा भी की जाती है। पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत करके उसके आतंक से देवताओं को मुक्ति दिलाई थी, इसलिए इस दिन का महत्‍व शास्‍त्रों में बहुत खास माना जाता है। इस दिन पूजापाठ के साथ दानपुण्‍य करने और गंगास्नान करने से आपके सभी कष्‍ट दूर होते हैं और कई जन्‍मों के पापों का अंत होता है। कार्तिक पूर्णिमा पर अबकी बार दो बहुत ही शुभ संयोग बने हैं। इस शुभ योग में पूजा करने से आपको हर कार्य में सफलता प्राप्‍त होगी और साथ ही विशेष पुण्‍य की प्राप्ति होगी।

कार्तिक पूर्णिमा पर बने हैं ये शुभ योग

कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्रमा और मंगल एक-दूसरे की राशि में रहेंगे और राशि परिवर्तन योग बनाएंगे। इस दिन गजकेसरी योग और बुधादित्य राजयोग भी बन रहा है। साथ ही इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर शश राजयोग का शुभ संयोग भी बना हुआ है। इसी दिन शनि अपनी राशि कुंभ में मार्गी होने जा रहे हैं। इन सभी शुभ योग में किया जाने वाला दान सौ गुना फल देगा और आपके सभी आर्थिक कष्‍ट दूर होंगे।

कार्तिक पूर्णिमा पर पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा की शुरुआत 15 नवंबर को सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर होगी और समापन 16 नवंबर को सुबह 02 बजकर 58 मिनट पर होगा। इस दिन स्नान और दान का शुभ मुहूर्त सुबह 04 बजकर 58 मिनट से सुबह 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। भगवान सत्यनारायण की पूजा का समय सुबह 06 बजकर 44 मिनट से सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।

कार्तिक पूर्णिमा पर सत्‍यनारायण कथा के लाभ कार्तिक पूर्णिमा पर सत्‍यनारायण भगवान की पूजा करने का खास महत्‍व पद्म पुराण में बताया गया है। इस दिन घर में सत्‍यनारायण भगवान की कथा करवाने आपके घर की शुद्धि होती है और हर प्रकार की नकारात्‍मक ऊर्जा समाप्‍त होती है। इस दिन सत्‍यनारायण भगवान की पूजा करने से ग्रहदशा अनुकूल होती है और आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही मां लक्ष्‍मी आपसे प्रसन्‍न होकर परिवार के सभी लोगों को तरक्‍की प्रदान करती हैं।