‘जल ही अमृत’ योजना को मंजूरी
हाल ही में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने ‘जल ही अमृत’ नामक एक नई योजना को मंजूरी दी है।
‘अमृत 2.0 योजना’ के तहत इस योजना में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘प्रयुक्त जल उपचार संयंत्रों का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित करने की परिकल्पना की गई है, ताकि निरंतर आधार पर पर्यावरण मानकों को पूरा करते हुए, पुनर्चक्रण योग्य अच्छी गुणवत्ता वाले उपचारित जल को सुनिश्चित किया जा सके।
इसका उद्देश्य शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा पैदा करना, क्षमता विकसित करना और उपचार सुविधाओं में प्रयुक्त उपचारित जल की सर्वोत्तम गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इसके अंतर्गत अपशिष्ट जल सयंत्रों को स्टार-रेटिंग (3 स्टार से 5 स्टार के बीच) प्रमाण-पत्र के रूप में स्वच्छ जल क्रेडिट प्रदान किया जाएगा,जो 6 माह के लिए वैध होगा।
