जवारा विसर्जन के दौरान एक नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई
जवारा विसर्जन के दौरान एक नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई
दुर्ग,शीतला तालाब सुपेला में जवारा विसर्जन के दौरान एक नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी की कोर्ट ने आरोपी को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपी महेश ने एक तरफा प्रेम प्रसंग के चलते चाकू मार कर बालिका की हत्या कर दी थी। दो साल पहले यानी 30 मार्च 2023 को यह घटना हुई थी। नाबालिग बालिका 14 साल की थी। आरोपी महेश यादव जवारा विसर्जन से लौट रही बालिका को रोका और उसे शादी के लिए दबाव बनाया। बालिका के साथ उसकी छोटी बहन भी थी। छोटी बहन को आरोपी ने रोक दिया और नाबालिग बालिका को बुलाकर कहा कि तुम मेरे सिवाय दूसरे से क्यों बात करती हो। तुम मुझसे शादी करो। शादी से इंकार करने पर आरोपी महेश ने चाकू निकाला और ताबड़तोड़ वार कर आठ बार हमला किया। बीच-बचाव में मृतिका की छोटी बहन आई तो उसे भी चाकू मार कर घायल कर दिया था।
आरोपी महेश यादव अपराधी किस्म का युवक था। आरोपी जब जेल से छूटकर आया तो उसे पता चला कि नाबालिग बालिका उसके बड़े भाई राजा से बात करती है। इससे वह चिढ़ गया। इसी बात को लेकर वह नाबालिक बालिका पर शादी करने के लिए दबाव बनाने लगा।
