May 1, 2026

गौ माता के प्राणों एवं सनातनी मूल्यों की रक्षा करें सनातनी – अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

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अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

वाराणसी – आज सायं श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुये परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीजी महाराज ने क्षुब्ध होकर कहा कि गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु जितना यत्न भारत में हुआ , अगर उतना प्रयास पाकिस्तान में भी होता तो वहां भी गौ माता के प्राणों की रक्षा सुनिश्चित कर उनको राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाता। लेकिन दुर्भाग्य कि भारत में खुद हिंदूवादी कहने वाली सरकार के कानों पर जूं तक नही रेंग रही है। आखिर गौमाता को राष्ट्र माता एवं राज्य माता घोषित कर उनके प्राणों की रक्षा करने में सरकार के समक्ष क्या कठिनाई है ? क्या अब गौमांस के व्यापार से ही भारत के उदर की पूर्ति होगी। श्रीशंकराचार्यजी ने कहा गौ माता की रक्षा एवं प्रतिष्ठा के लिये सरकार को स्वयं सज्ञान लेकर कानून बनाना चाहिये था। जब लोकतंत्र में हर जगह बहुमत से निर्णय होता है तो गौ माता की रक्षा के लिये इस देश का बहुमत बार बार निवेदन कर रहा है फिर भी बहुमत की अवज्ञा करने का क्या कारण है ? भारत में सभी सनातनी चाहते हैं कि गौ माता राष्ट्रमाता घोषित हों लेकिन स्वतंत्रता के 78 वर्ष व्यतीत होने के बाद भी हिंदुओं की आवाज को अनसुनी किया जा रहा है। धिक्कार है सरकारों को जिन्होंने हिंदुओं के वोट लेकर हिंदुओं के साथ छल किया है। अब समय आ गया है कि सनातनी राजनीति का प्रारंभ कर अपने गौमाता के प्राणों एवं सनातनी मूल्यों की रक्षा करें। उल्लेखनीय है कि पूर्व उद्घोषणा के अनुसार शंकराचार्यजी महाराज गविष्ठी यात्रा हेतु आज काशी से प्रस्थान करेंगे 03 मई से गोरखपुर से गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा का शुभारंभ करेंगे। यह गविष्ठी यात्रा 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान शंकराचार्यजी महाराज सनातनी जनता से संवाद स्थापित करके उनको गौरक्षार्थ श्रेष्ठ योगदान प्रदान करने हेतु प्रेरित करेंगे। आज हुये पत्रकार वार्ता के दौरान वैदिक गुरुकुलम के बच्चों सहित प्रमुख रूप से साध्वी / महन्त और भारी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।