August 7, 2026

यातायात, महिला सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा पर छात्राओं को किया गया जागरूक: रायपुर में छात्राएं बनेंगी ‘ट्रैफिक एंबेसडर’

200626

यातायात, महिला सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा पर छात्राओं को किया गया जागरूक: रायपुर में छात्राएं बनेंगी ‘ट्रैफिक एंबेसडर’

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

रायपुर: डीसीपी (यातायात) डॉ. अर्चना झा के कुशल मार्गदर्शन में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान के तहत आज लक्ष्मीनारायण कन्या विद्यालय, कालीबाड़ी (रायपुर) में एक दिवसीय वृहद जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा गहोई की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को एक सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में कक्षा 8वीं से 12वीं तक की लगभग 250 छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव और ‘अभिव्यक्ति ऐप’ की मिली जानकारी

कार्यक्रम में एसीपी (ट्रैफिक) श्रीमती स्नेहिल साहू ने साइबर सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा पर छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:

डिजिटल सुरक्षा: ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के तरीके बताए गए।

सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर: साइबर अपराधों और महिला सुरक्षा के संबंध में डायल 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर, साइबर क्राइम पोर्टल (1930), पिंक पैट्रोल, कंट्रोल रूम और छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘अभिव्यक्ति ऐप’ के उपयोग के बारे में विस्तार से समझाया गया।

“क्यूआर कोड युक्त ऑटो/ई-रिक्शा का ही करें उपयोग”

एसीपी (ट्रैफिक) सीमा अहिरवार ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अधिकार और कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करेगा, तभी एक सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।

उन्होंने छात्राओं और शिक्षकों से अपील की:

QR Code वाले ऑटो/ई-रिक्शा: स्कूल आने-जाने के लिए केवल क्यूआर कोड युक्त ऑटो/ई-रिक्शा का ही उपयोग करें। वाहन में लगे QR कोड को स्कैन कर उसकी जानकारी अपने अभिभावकों के साथ साझा करें। यह रायपुर ट्रैफिक पुलिस की एक सुरक्षित पहल है।

ट्रैफिक एंबेसडर बनें: उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे अपने घर की “ट्रैफिक एंबेसडर” बनें और यहां मिली जानकारी को अपने परिवार, मित्रों व पड़ोसियों तक पहुंचाकर उन्हें यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें।

आधुनिक यातायात प्रणाली: इस दौरान क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), ITMS, ई-चालान प्रणाली और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में भी छात्राओं को अवगत कराया गया।

‘रक्षा-सुरक्षा ट्विन सेफ्टी एंजेल’ ने भी दिए टिप्स

कार्यक्रम के दौरान जुड़वा बहनों—रक्षा और सुरक्षा (ट्विन सेफ्टी एंजेल) ने भी बहुत ही रोचक अंदाज में छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी दी।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा बताया गया कि सड़क सुरक्षा को एक जनांदोलन बनाने के लिए चरणबद्ध अभियान चलाया जा रहा है। पहले स्कूल प्राचार्यों और फिर अभिभावकों की काउंसलिंग के बाद अब सीधे छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।