कुष्ठ रोग को जड़ से खत्म करने नया रायपुर में जुटे 5 राज्यों के विशेषज्ञ, ‘जीरो ट्रांसमिशन’ पर बड़ी कार्यशाला
रायपुर, 12 जून 2026: राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (NLEP) के अंतर्गत कुष्ठ रोग के संक्रमण को पूरी तरह समाप्त करने तथा “जीरो ट्रांसमिशन” के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। नया रायपुर में इसे लेकर दो दिवसीय क्षेत्रीय समीक्षा एवं रणनीतिक कार्ययोजना कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुश्री आराधना पटनायक, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, और मिशन संचालक श्री संजीव कुमार झा सहित महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड और मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विशेषज्ञ व क्षेत्रीय निदेशक उपस्थित रहे।
सामाजिक कलंक को मिटाना और ‘कुष्ठ मुक्त छत्तीसगढ़’ का संकल्प
कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि कुष्ठ रोग केवल एक स्वास्थ्य संबंधी चुनौती नहीं है, बल्कि इससे जुड़ा सामाजिक कलंक (स्टिग्मा) भी मरीजों के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए उपचार के साथ-साथ समाज के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि छत्तीसगढ़ इस दिशा में योजनाबद्ध और प्रतिबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।
अनुभवों का आदान-प्रदान और समन्वय जरूरी: सुश्री आराधना पटनायक
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव एवं मिशन संचालक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) सुश्री आराधना पटनायक ने अपने मुख्य वक्तव्य में कहा कि कुष्ठ रोग के शून्य संक्रमण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्यों के बीच आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान और बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है। उन्होंने प्रभावित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और व्यापक जनजागरूकता पर विशेष बल दिया।
पांचों राज्यों ने साझा किए अपने सफल मॉडल
कार्यशाला के दौरान महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य स्तरीय प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर समीक्षा की गई:
नए मरीजों की समय पर पहचान और त्वरित उपचार सेवाओं की उपलब्धता।
विकलांगता रोकथाम, प्रभावितों का पुनर्वास और जागरूकता गतिविधियां।
राज्यों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में अपनाई जा रही नवाचार आधारित पहल और सफल मॉडल।
आंकड़े: देश भर में कुष्ठ रोग की वर्तमान स्थिति
कुष्ठ रोग प्रकोष्ठ के उप महानिदेशक डॉ. सुनील वी. गिट्टे ने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति पर एक महत्वपूर्ण प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने वर्ष 2025-26 के निम्नलिखित राष्ट्रीय आंकड़े साझा किए:
नए मरीजों की पहचान: देशभर में 91,783 नए कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई है।
प्रचलन दर: वर्तमान में यह दर 0.56 प्रति 10 हजार आबादी दर्ज की गई है।
विकलांगता व बच्चे: नए मामलों में 2.12% रोगियों में ग्रेड-2 विकलांगता है और 4.18% मामले बच्चों में पाए गए हैं।
पुनर्वास के लिए मदद: विकलांगता रोकथाम के लिए 1,591 पुनर्निर्माण शल्यक्रियाएं की गईं, साथ ही 1.03 लाख से अधिक एमसीआर फुटवियर और 1.25 लाख से अधिक सेल्फ-केयर किट बांटी गईं।
संयुक्त प्रयासों से ही संभव होगा ‘कुष्ठ मुक्त भारत’
इसके पश्चात आयोजित संवाद सत्र में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्यों के प्रतिनिधियों तथा तकनीकी विशेषज्ञों ने जिलावार चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा की।
सत्र के अंत में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि कुष्ठ रोग के शून्य संक्रमण और विकलांगता मुक्त समाज का लक्ष्य तभी संभव है जब स्वास्थ्य तंत्र, समुदाय और विभिन्न साझेदार संस्थाएं एक साथ मिलकर काम करें।
