सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम – पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला
सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम – पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर – प्रदेशवासियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक एवं सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दिनांक 15 अगस्त 2026 से 02 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों , साइबर ठगी के नए तरीकों , उनसे बचाव के प्रभावी उपायों तथा साइबर अपराध घटित होने की स्थिति में तत्काल उठाये जाने वाले आवश्यक कदमों के संबंध में जागरूक करना है।
इसी तारतम्य में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा सिविल लाईन स्थित सी/04 भवन के सभाकक्ष में रायपुर शहर के विभिन्न व्यापारिक , औद्योगिक , सामाजिक एवं परिवहन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ साइबर अपराध के विरुद्ध संचालित “साइबर जागृति अभियान” के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा उपस्थित पदाधिकारियों को वर्तमान समय में घटित हो रहे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों एवं साइबर ठगी के तरीकों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
इन साइबर ठगी के तरीकों से सावधान रहने की अपील
उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट , ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी , फर्जी कस्टमर केयर , ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड , फर्जी लिंक , सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी , यूपीआई फ्रॉड , फर्जी पुलिस अधिकारी/सरकारी अधिकारी बनकर ठगी तथा अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। पुलिस कमिश्नर द्वारा बताया गया कि साइबर अपराधों से बचाव के लिये प्रत्येक नागरिक का जागरूक एवं सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।
किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी , एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी , बैंक खाता संबंधी विवरण , यूपीआई पिन , पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने , अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने की अपील की गई।
संगठनों से पुलिस ने मांगी सक्रिय सहभागिता
उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने संस्थानों , प्रतिष्ठानों , कर्मचारियों , सदस्यों एवं आम नागरिकों तक साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने में पुलिस का सहयोग करें तथा “साइबर जागृति अभियान” में सक्रिय सहभागिता निभायें। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा अभियान के प्रति सकारात्मक सहभागिता एवं सहयोग का आश्वासन दिया गया।
पुलिस कमिश्नर द्वारा साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता फैलाने में सहयोग करने वाले संगठनों एवं प्रतिनिधियों की सराहना भी की गई। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने संगठन के सदस्यों एवं आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने हेतु पुलिस द्वारा जारी जागरूकता संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचायें , जिससे साइबर ठगी की घटनाओं को रोकने में प्रभावी परिणाम प्राप्त हो सकें।
कमिश्नरेट पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि साइबर अपराध के प्रति स्वयं जागरूक रहें तथा अपने परिवार , मित्रों , सहकर्मियों एवं परिचितों को भी जागरूक करें। सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस दौरान पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) डॉ. अर्चना झा , सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती स्नेहिल साहू , सतीश ठाकुर सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कैट एवं रायपुर ऑटो डीलर्स एसोसिएशन , चेंबर ऑफ कॉमर्स , बार एसोसिएशन , सर्राफा एसोसिएशन , जवाहर बाजार व्यापारी संघ , क्रेडाई , पंडरी कपड़ा मार्केट व्यवसायी संघ , उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन , बस ओनर्स एसोसिएशन , उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन , आईएमए सहित रायपुर शहर के विभिन्न व्यापारिक , औद्योगिक , सामाजिक एवं परिवहन संगठनों के प्रतिनिधि एवं अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
