हरियाणा प्रांत की शराब तस्करी एवं कच्ची महुआ शराब के विक्रय पर आबकारी विभाग की कार्रवाई
हरियाणा प्रांत की शराब तस्करी एवं कच्ची महुआ शराब के विक्रय पर आबकारी विभाग की कार्रवाई
वाहन सहित 8.16 लाख रुपये से अधिक की सामग्री जब्त
कच्ची महुआ शराब एवं 200 किलो महुआ लाहन बरामद
रायपुर, 20 अगस्त 2026: कवर्धा जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आबकारी विभाग ने 17 अगस्त 2026 को अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अन्य प्रांत हरियाणा की मदिरा का अवैध परिवहन करने तथा कच्ची महुआ शराब का विक्रय करने वाले कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई में मदिरा, महुआ लाहन एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहन सहित कुल 8 लाख 16 हजार 310 रुपये की सामग्री जब्त की गई है। आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा एवं कलेक्टर के निर्देश तथा प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी श्री मुकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
चिल्फी आबकारी चेक पोस्ट पर पकड़ी गई हरियाणा की मदिरा
प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी श्री मुकेश पाण्डेय ने बताया कि 17 अगस्त 2026 को आबकारी चेक पोस्ट चिल्फी के प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक श्री रामानंद दीवान द्वारा वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान चार पहिया वाहन क्रमांक HR 36 AB 0487 की विधिवत तलाशी लेने पर वाहन से 5.25 बल्क लीटर विदेशी मदिरा, जिस पर “Sale for Haryana Only” अंकित था, बरामद की गई।
आरोपी पर गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज
मदिरा को विधिवत जब्त करते हुए आरोपी विक्रम सिंह पिता आजाद सिंह, उम्र 41 वर्ष, निवासी ग्राम अमलीडीह, पोस्ट बरगड़ा, जिला बेमेतरा के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 यथा संशोधित की धारा 34(1)(क), 34(2), 59(क) एवं 36 के तहत गैर-जमानती प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में आबकारी विभाग की निगरानी तेज
उन्होंने बताया कि जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।
विभाग द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
उक्त कार्रवाई में आबकारी मुख्य आरक्षक श्री विद्यासिंह परमार, श्री इम्तियाज खान तथा आबकारी आरक्षक श्री भूपेंद्र साहू, सुश्री कामिनी भुआर्य, मेघा ध्रुव एवं सीमा नेताम का विशेष योगदान रहा।

