September 3, 2026

म्यूल बैंक खातों से ठगी की रकम आहरित करने का आरोपी जेल दाखिल

DSc29261

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

दुर्ग – ऑनलाइन ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों से आहरित कर उपयोग करने वाले आरोपी को थाना भिलाईनगर पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है तथा प्रकरण की विवेचना जारी है
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उमनि विजय अग्रवाल ने बताया थाना भिलाईनगर में प्रार्थी द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत प्रस्तुत किये जाने पर अपराध क्रमांक 469/2024, धारा 318(4) बीएनएस एवं धारा 66D आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। विवेचना के दौरान पूर्व में गिरफ्तार कुल पांच आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों तथा प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रमेश सुथार की प्रकरण में संलिप्तता सामने आई। आरोपी द्वारा अन्य आरोपियों के साथ मिलकर प्रार्थी से ऑनलाइन धोखाधड़ी कर प्राप्त राशि को म्यूल बैंक खातों से आहरित कर उपयोग किये जाने के संबंध में साक्ष्य प्राप्त हुये। आरोपी की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीम गठित कर राजस्थान में संभावित ठिकानों पर तलाश की गई। पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को आज गिरफ्तार किया गया। आवश्यक वैधानिक कार्यवाही उपरांत आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है तथा विवेचना जारी है।‌ उक्त कार्यवाही में थाना भिलाईनगर की विशेष टीम के उपनिरीक्षक पूरण बहादुर , आरक्षक अनूप शर्मा , शाहबाज खान एवं जुगनू सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

गिरफ्तार आरोपी –

रमेश सुथार उम्र 25 वर्ष निवासी – ग्राम बना , थाना – खेरवा , तहसील – वल्लभनगर , जिला – उदयपुर (राजस्थान)।

जप्त सामाग्री –

प्रकरण में आरोपी की भूमिका से संबंधित साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विवेचनात्मक परीक्षण किया जा रहा है।

दुर्ग पुलिस की अपील –

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान किसी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता , एटीएम , यूपीआई , ओटीपी अथवा अन्य बैंकिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध ना करायें। किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल संबंधित बैंक को सूचित कर साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं पुलिस को जानकारी दें। अपने बैंक खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति की राशि के लेन-देन के लिये ना होने दें।