“ओरिजनल देहाती” से “सोशल मीडिया स्टार” तक का सफर
गरीबी, मेहनत और हौसले से गढ़ी सफलता की कहानी
इतेश न्यूज़ सर्विस, रायपुर।
गरियाबंद ज़िले के छोटे से गाँव हरदी भाटा के युवा कलाकार ठनेंद्र सोनवानी आज सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। लोग उन्हें ओरिजनल देहाती, किंग कुमार और गंधर्व किंग के नाम से जानते हैं। उनकी कॉमेडी वीडियो न केवल दर्शकों को हँसी से सराबोर कर देती हैं बल्कि एक सकारात्मक संदेश भी देती हैं।
बचपन से कला की ओर
ठनेंद्र सोनवानी बचपन से ही स्कूल कार्यक्रमों में कॉमेडी प्रस्तुतियों में भाग लेते रहे। नौवीं कक्षा में जब उन्होंने करण खान का वीडियो देखा, तभी से उनके भीतर कलाकार बनने का सपना और गहरा हो गया। उन्होंने फेसबुक और यूट्यूब से वीडियो बनाना शुरू किया और बाद में इंस्टाग्राम पर भी सक्रिय हो गए।
सोशल मीडिया पर मिली पहचान
काफी लंबे समय तक मेहनत करने के बावजूद उन्हें शुरुआती दिनों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और निरंतर वीडियो बनाते रहे। आखिरकार इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हुआ और देखते ही देखते उनके वीडियो लाखों-करोड़ों दर्शकों तक पहुँचने लगे।
संघर्षों से भरी राह
ग़रीब परिवार से आने वाले इस कलाकार ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए दिन में कॉलेज और रात में पेट्रोल पंप पर काम किया। कठिनाइयों और आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने कला से जुड़ाव बनाए रखा। उनकी यह जिद और मेहनत ही आज उनकी सफलता का आधार बनी है।
पुरस्कार और उपलब्धियाँ
कॉमेडी और कला के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी ठनेंद्र ने पहचान बनाई है। उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए देश के अन्य चार राज्यों से भी पुरस्कार मिल चुके हैं।
सपना बड़े पर्दे का
ठनेंद्र सोनवानी का सपना है कि एक दिन बड़े पर्दे पर आकर अपने गाँव, ज़िले और राज्य का नाम रोशन करें। उन्हें कुछ फ़िल्म कंपनियों से प्रस्ताव भी मिले हैं, लेकिन वे सही अवसर का इंतजार कर रहे हैं। उनका मानना है कि आज के समय में लोगों को हँसाना आसान काम नहीं है और जो व्यक्ति खुद कठिनाइयों में रहकर दूसरों को हँसाता है, वही सच्चा कलाकार कहलाता है।
साथियों का सहयोग
अपने सफर में ठनेंद्र ने कई साथियों का आभार व्यक्त किया है। इनमें विशेष रूप से इतेश सोनी, अमलेश नागेश, ओमी स्टाइलो, घनश्याम मिर्ज़ा, मुकेश साहू और प्रणव झा का नाम शामिल है, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
