राष्ट्रपति ट्रंप के नीतियों को रोकने वाले आदेशों पर बहस तेज…
राष्ट्रपति ट्रंप के नीतियों को रोकने वाले आदेशों पर बहस तेज…
अमेरिका,डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन भले ही अधिकांश मामलों में असहमत हों, लेकिन एक मुद्दे पर दोनों प्रशासन सहमत दिखे—फेडरल जजों द्वारा पूरे देश पर लागू होने वाले ‘नैशनल इंजंक्शन’ को सीमित करने की जरूरत। हाल के महीनों में ट्रंप की नीतियों पर विभिन्न न्यायालयों द्वारा लगाए गए राष्ट्रव्यापी प्रतिबंधों ने प्रशासन को बाधित किया है। इसी वजह से, ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह ऐसी शक्तियों पर रोक लगाए। मार्च में कार्यवाहक सॉलिसिटर जनरल सारा हैरिस ने अदालत से कहा कि “अब बहुत हो गया है”। वहीं, बाइडेन प्रशासन की सॉलिसिटर जनरल एलिज़ाबेथ प्रेलोगार ने भी इसे “व्यवस्था में भारी बाधा” बताया।
इन आदेशों की वजह से ट्रंप के कई कार्यकारी आदेश रुक चुके हैं, जैसे नागरिकता कानून में बदलाव करना। ट्रंप ने हाल ही में एक जज को महाभियोग के लिए भी कहा, जिसने वेनेजुएलन नागरिकों की तत्काल निर्वासन प्रक्रिया पर रोक लगाई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने असामान्य प्रतिक्रिया दी। नैशनल इंजंक्शन, जो केवल याचिकाकर्ता तक सीमित न होकर पूरे देश पर लागू होते हैं, अब एक संवैधानिक बहस का विषय बन चुके हैं। ट्रंप के कई आदेशों को इसी आधार पर विभिन्न जजों ने स्थगित किया है।कांग्रेस में रिपब्लिकन सांसदों ने इसे खत्म करने के लिए कानून प्रस्तावित किया है।
