एसएसपी विजय अग्रवाल ने ली अपराध नियंत्रण , नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने क्राइम मीटिंग
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दुर्ग – जिले में अपराध नियंत्रण , कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने , नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विवेचना की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल द्वारा जिले के राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की क्राइम मीटिंग ली गई। बैठक में अपराध की वर्तमान स्थिति , लंबित प्रकरणज्ञ, विवेचना की गुणवत्ताज्ञ, नवीन आपराधिक कानूनों का व्यवहारिक क्रियान्वयन , ई-साक्ष्य , ई- एफएसएल , सीसीटीएनएस, एफआईआर से एफ-5 तक डेटा एंट्री , साइबर अपराध , नशे के अवैध कारोबार , फरार आरोपियों , लंबित वारंटों , यातायात व्यवस्था एवं आगामी त्योहारी आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप विवेचना को वैज्ञानिक, साक्ष्य आधारित एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिये गये। ई-साक्ष्य में इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज, मोबाइल, CCTV फुटेज एवं डिजिटल उपकरणों से प्राप्त साक्ष्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित, अपलोड एवं प्रकरण से लिंक करने पर विशेष जोर दिया गया। एफएसएल से संबंधित साक्ष्यों को समय पर भेजने , ई – एफएसएल प्रक्रिया में आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेजों का समुचित संधारण तथा प्राप्त रिपोर्ट को संबंधित प्रकरण से लिंक करने के निर्देश दिये गये। सीसीटीएनएस में एफआईआर से एफ -5 तक सभी आवश्यक प्रविष्टियां समयबद्ध एवं त्रुटिरहित रूप से पूर्ण करने तथा केस रिकॉर्ड एवं डिजिटल रिकॉर्ड में एकरूपता बनाए रखने के निर्देश दिये गये। लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुये 60/90 दिवस की वैधानिक समय-सीमा में विवेचना पूर्ण कर चालान प्रस्तुत करने तथा वर्ष 2024 एवं 2025 से लंबित प्रकरणों , बैंक संबंधी कार्यवाहियों , एमएलसी / पीएमआर / एफएसएल रिपोर्ट एवं अन्य लंबित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने कहा गया।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी , लंबित वारंटों की तामीली तथा गुंडा-बदमाशों एवं आदतन अपराधियों पर नियमानुसार प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये गये। अपराधियों के मॉडस ऑपरेंडी का विश्लेषण कर तकनीकी एवं वैज्ञानिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया गया। साइबर अपराधों में बैंकिंग ट्रांजेक्शन , डिजिटल फुटप्रिंट , मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक उपयोग करते हुये आरोपियों एवं उनके नेटवर्क तक पहुंचने तथा साइबर पोर्टल की शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये गये। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार , परिवहन एवं वितरण के विरुद्ध सक्रिय कार्यवाही करते हुये केवल आरोपी तक सीमित ना रहकर सप्लाई चैन , नेटवर्क एवं अपराध करने के तरीके की जानकारी जुटाकर पूरे नेटवर्क पर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये।
नाबालिगों द्वारा अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिये परिवार , अभिभावक , स्कूल एवं संबंधित विभागों के समन्वय से आवश्यक काउंसलिंग एवं सुधारात्मक कार्यवाही पर जोर दिया गया। नाबालिगों से संबंधित मामलों में बाल हित एवं विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुये त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा गया।आगामी त्योहारी आयोजनों को देखते हुये थाना स्तर पर पूर्व तैयारी एवं पर्याप्त पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।
बाजार क्षेत्रों में दुकानों को निर्धारित सफेद पट्टी के पीछे लगवाने , मुख्य मार्ग अवरुद्ध किये बिना गणेश पंडाल एवं अन्य सार्वजनिक आयोजन निर्धारित स्थानों पर कराने तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बनाये रखने पर जोर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर बैठे मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु संबंधित विभागों से समन्वय तथा यातायात प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिये गये। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने थाना प्रभारियों को अपराध की प्रवृत्ति का नियमित विश्लेषण , लंबित प्रकरणों की व्यक्तिगत समीक्षा तथा नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप वैज्ञानिक विवेचना , ई-साक्ष्य , ई-एफएसएल , सीसीटीएनएल एवं डिजिटल डेटा प्रबंधन का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
उन्होंने अपराध नियंत्रण को केवल घटना के बाद की कार्यवाही तक सीमित ना रखते हुये अपराध की पुनरावृत्ति रोकने , अपराधियों पर सतत निगरानी , तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर समान रूप से ध्यान देने के निर्देश दिये। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण , नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग , नगर पुलिस अधीक्षक छावनी , नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर , डीएसपी लाइन , डीएसपी हेडक्वार्टर , डीएसपी महिला सेल सहित जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
