April 25, 2026

बांग्लादेश में भारत के गुड़ का एक्सपोर्ट लगभग 20 प्रतिशत बढ़ा

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बांग्लादेश में भारत के गुड़ का एक्सपोर्ट लगभग 20 प्रतिशत बढ़ा

भारत में गुड़ का उत्पादन सदियों पुराना है, और यह देशभर में एक प्रमुख पारंपरिक मिठाई के रूप में इस्तेमाल होता है। खासकर किसानों के बीच यह एक महत्वपूर्ण उत्पाद है, क्योंकि इसे गन्ने से बनाया जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में भारत के गुड़ की डिमांड में काफी इज़ाफा हुआ है, और अब यह देश एक बड़े एक्सपोर्ट मार्केट के रूप में सामने आया है। बांग्लादेश में भारतीय गुड़ का बहुत चलन है, और यह खाद्य पदार्थ के अलावा स्वास्थ्यवर्धक गुणों के लिए भी जाना जाता है। बांग्लादेश में भारतीय गुड़ की बढ़ती डिमांड इस बात का संकेत है कि भारतीय पारंपरिक खाद्य उत्पादों को न केवल घरेलू बल्कि विदेशी बाजारों में भी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। l

भारत से बांग्लादेश को पिछले साल के मुकाबले गुड़ का एक्सपोर्ट लगभग 20 प्रतिशत बढ़ा है। भारत का गुड़ उत्पादन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और पंजाब जैसे राज्यों में होता है, और यही राज्य बांग्लादेश को प्रमुख निर्यातक हैं। बांग्लादेश में इस उत्पाद की खासतौर पर मांग सर्दियों में बढ़ जाती है, जब इसका इस्तेमाल ठंडी में ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। वहीं, भारतीय गुड़ को आयुर्वेदिक और पारंपरिक घरेलू उपचार के तौर पर भी माना जाता है, और यह बांग्लादेश में एक घरेलू सुपरफूड के रूप में लोकप्रिय है।

गुड़ बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया काफी रोचक होती है। सबसे पहले गन्ने को पेरकर उसका रस निकाला जाता है, फिर इस रस को बड़े कड़ाहों में उबाला जाता है और उसमें अशुद्धियों को हटाने के लिए छानने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके बाद इसे कड़ा करने के लिए ठंडा किया जाता है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाता है कि गुड़ में किसी प्रकार की मिलावट न हो, जिससे उसका स्वाद और गुणवत्ता बरकरार रहे। बांग्लादेश के उपभोक्ता भारतीय गुड़ को उसकी शुद्धता और स्वाद के लिए पसंद करते हैं। इसके अलावा, भारत में उत्पादित गुड़ की कीमत भी बांग्लादेशी बाजार में प्रतिस्पर्धी है, जो इसे और अधिक आकर्षक बनाता है। भारतीय उत्पादों का इस प्रकार का विस्तार बांग्लादेश में न केवल भारतीय कृषि उत्पादों के लिए एक बढ़ी हुई बाजार संभावनाओं का संकेत है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में भी सुधार की ओर इशारा करता है।

हालांकि, इस दौरान तनाव और सीमा पर तनाव के बावजूद, भारत से बांग्लादेश को किए गए गुड़ के एक्सपोर्ट में लगातार वृद्धि हुई है, जो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि पारंपरिक उत्पाद, जैसे गुड़, वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत बना रहे हैं और इसके लिए उपभोक्ताओं में निरंतर विश्वास भी बढ़ रहा है। आगे बढ़ते हुए, भारतीय गुड़ के एक्सपोर्ट की प्रक्रिया को सरल और अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है ताकि इसे बांग्लादेश और अन्य देशों में आसानी से भेजा जा सके। भारतीय किसानों और उत्पादकों के लिए यह एक अवसर है कि वे अपने उत्पादों का निर्यात बढ़ा सकें और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर सकें।

 

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