June 15, 2026

1 अगस्त 2025 से बदलेगा UPI पेमेंट का नियम : जानें आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा…

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1 अगस्त 2025 से बदलेगा UPI पेमेंट का नियम : जानें आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा…

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई (UPI) सिस्टम को और भरोसेमंद और स्थिर बनाने के लिए 1 अगस्त 2025 से नए नियम लागू करने की घोषणा की है। ये बदलाव तकनीकी सुधार और बढ़ती ट्रांजेक्शन लोड को संतुलित करने के लिए किए जा रहे हैं। एनपीसीआई का मानना है कि ये उपाय सिस्टम में आ रही हालिया रुकावटों से निजात दिलाएंगे और उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव देंगे। हालांकि, इसके बदलाव से रोजमर्रा के कुछ कामों पर असर देखा जा सकेगा।

ये होंगे बदलाव

बैलेंस चेक की सीमा- अब किसी एक UPI ऐप से दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक किया जा सकेगा।

लिंक्ड अकाउंट्स देखने की सीमा- मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक खातों की लिस्ट दिन में केवल 25 बार देखी जा सकेगी।

ऑटोपे ट्रांजेक्शन का समय- अब ऑटोपे जैसे SIP, Netflix आदि पेमेंट कम ट्रैफिक वाले समय में होंगे। जिनमें, सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच और रात 9:30 बजे के बाद।

प्रयास- हर ऑटोपे के लिए 1 प्रयास और अधिकतम 3 बार पुन प्रयास की अनुमति होगी।

ट्रांजेक्शन स्टेटस चेक लिमिट- एक ट्रांजेक्शन का स्टेटस अधिकतम 3 बार ही चेक किया जा सकेगा और हर रिक्वेस्ट के बीच 90 सेकंड का अंतर रखना अनिवार्य होगा।

क्यों जरूरी हैं बदलाव?

UPI अब भारत की 83% डिजिटल ट्रांजेक्शंस का हिस्सा बन चुका है। मई 2025 में UPI ने 18 अरब ट्रांजेक्शंस किए, जिनकी कुल वैल्यू 25.14 लाख करोड़ रुपये थी। हालांकि, मार्च-अप्रैल 2025 में UPI नेटवर्क 4 बार ठप हुआ, जिसमें सबसे लंबा व्यवधान 12 अप्रैल को 5 घंटे का रहा। इसका मुख्य कारण APIs का अत्यधिक और अनियमित इस्तेमाल था, खासकर “Check Transaction Status” API का। NPCI ने बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSPs) को 31 जुलाई 2025 तक 10 सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले APIs को कंट्रोल करने को कहा है। ये APIs बैलेंस चेक, ऑटोपे और ट्रांजेक्शन स्टेटस जैसे कामों को चलाते हैं।

आम लोगों पर प्रभाव

बैलेंस चेक की आदत वाले यूजर्स को 50 बार की सीमा का ध्यान रखना होगा। ऑटोपे समय बदलने से कुछ सब्सक्रिप्शन पेमेंट्स का टाइम शिफ्ट हो सकता है। ट्रांजेक्शन स्टेटस बार-बार चेक नहीं किया जा सकेगा, जिससे संयम जरूरी होगा। लेकिन, इससे लंबे समय में ज्यादा तेज और भरोसेमंद UPI सर्विस मिलेगी। NPCI का यह कदम 40 करोड़ से अधिक UPI यूजर्स के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है।

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