रंजिश के चलते हत्या करने के दो आरोपी गिरफ्तार
एसडीओपी सिद्धांत तिवारी ने किया खुलासा
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायगढ़ – पुराने विवाद की रंजिश के चलते सुनियोजित ढंग से बुलाकर लोहे के राड और पेचकस से सिर पर वार कर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को डबरी के पानी में फेकने के दो आरोपियों को धरमजयगढ़ थाना पुलिस ने अड़तालीस घंटे के भीतर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय भेज दिया है। वहीं जांच में अन्य आरोपियों की संलिप्तता पाये जाने पर विधि सम्मत कार्यवाही की जावेगी।
थाना धरमजयगढ़ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुये एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी ने बताया कि थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के डुगरूपारा निवासी कैलाश सारथी पिता रामपुकार सारथी (19 वर्ष) का शव 22 अक्टूबर के सुबह चांदमारी डबरी में पानी के ऊपर तैरता देखा गया। जिसकी सूचना पर एसपी, एएसपी, डीएसपी साइबर सेल के साथ स्वयं , धरमजयगढ़ टीआई , एफएसएल की टीम के साथ घटनास्थल पहुंची और शव का निरीक्षण किया गया। मृतक के के सिर में गंभीर चोट , दाहिने कान के कटे होने और गले पर नाखूनों के निशान पाये गये थे। घटनास्थल पर खून के धब्बे और घसीटने के निशान मिलने से स्पष्ट था कि कैलाश की हत्या कर शव को साक्ष्य छिपाने की नियत से डबरी में फेंका गया है। प्रार्थी मृतक के चाचा रामनिवास सारथी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 277/2025 धारा 103(1) , 238 , 3(5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम ने जांच के दौरान मृतक के रिश्तेदारों और मित्रों से पूछताछ की , जिनसे पता चला कि घटना की रात कैलाश को आखिरी बार दो युवकों सुरेश यादव और अजीत यादव के साथ देखा गया था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की , तो उन्होंने अपराध करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में बताया गया कि 21 अक्टूबर की रात लगभग नौ बजे नराई टिकरा में मृतक कैलाश के साथ गाली-गलौज और विवाद हुआ था , जिससे रंजिश के चलते दोनों ने उसकी हत्या की योजना बनाई। आरोपी सुरेश ने पहले से रॉड को चांदमारी में छिपाया और उसके साथी अजीत ने कैलाश को बहाने से चांदमारी बुलाया। तीनों वहां खाये-पीये , इस दौरान आरोपी सुरेश ने मौका देखकर छिपाये लोहे के रॉड को निकालकर कैलाश के सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद अजीत ने मोटरसाइकिल में रखे पेचकस से दो-तीन बार सिर पर वार किया , जिससे कैलाश की मौके पर ही मृत्यु हो गई। साक्ष्य छिपाने के लिये दोनों ने शव को घसीटकर डबरी के पानी में फेंक दिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड , पेचकस और मृतक का मोबाइल फोन आरोपियों के बताने पर खेत से बरामद किये हैं। सुरेश यादव के घटना के समय पहने कपड़े भी जब्त किये गये हैं। हत्या के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर धरमजयगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय भेज दिया है। वहीं जांच में अन्य आरोपियों की संलिप्तता पाये जाने पर विधि सम्मवत कार्यवाही की जावेगी। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा निर्देशन तथा एएसपी आकाश मरकाम , डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा , एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन पर हुये इस हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक सीताराम ध्रुव , सहायक उप निरीक्षक गंगाराम भगत , डेविड टोप्पो , प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी , आरक्षक विकास सिंह , विनय तिवारी , कमलेश राठिया , विजयनंद राठिया , कीर्ति सिदार , हेमलाल बरेठ और ललित राठिया के साथ साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेश पटेल , दुर्गेश सिंह , बृजलाल गुर्जर , आरक्षक प्रशांत पंडा , महेश पंडा , पुष्पेन्द्र जाटवर , विक्रम सिंह , विकास प्रधान , नवीन शुक्ला और प्रताप बेहरा की अहम भूमिका रही है।
गिरफ्तार आरोपीगण –
सुरेश यादव उर्फ लल्ला (26 वर्ष) और अजीत कुमार यादव (23 वर्ष) दोनों निवासी – जेलपारा धरमजयगढ़ , जिला – रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।
