दुनिया की 10 टॉप यूनिवर्सिटी जो देती हैं वर्ल्ड क्लास जॉब की ‘गारंटी’!
एडमिशन से पहले देख लें नई रैंकिंग
दुनिया के अलग-अलग देशों में 13 लाख भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। विदेश में पढ़ने का प्रमुख मकसद अच्छी नौकरी होता है, क्योंकि टॉप संस्थानों से डिग्री लेने पर नौकरी की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए कहा जाता है कि आप किस यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करते हैं, यह आपके करियर के लिए बहुत मायने रखता है। यही वजह है कि छात्रों के लिए ऐसे संस्थानों को चुनना बेहद जरूरी होता है, जहां से पढ़ने पर नौकरी के सबसे ज्यादा चांस मिलें।
भारतीय छात्रों की ये परेशानी फ्रांस की कंसल्टेंसी फर्म ‘इमर्जिंग’ दूर करती है, जो हर साल ‘ग्लोबल एम्प्लॉयबिलिटी यूनिवर्सिटी रैंकिंग (GEURS)’ जारी करती है। 2025 के लिए भी ये रैंकिंग जारी हो चुकी है। GEURS रैंकिंग दुनियाभर के उन टॉप यूनिवर्सिटीज के नाम बताती है, जहां से ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को आसानी से नौकरी मिल जाती है। अगर भारतीय छात्र इस रैंकिंग में शामिल यूनिवर्सिटीज से पढ़ाई करते हैं तो उनके लिए नौकरी के लाले नहीं पड़ेंगे। ऐसा कहना गलत नहीं होना चाहिए।
GEURS रैंकिंग में अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को दुनियाभर में पहला स्थान मिला है। अमेरिकी संस्थानों का GEURS रैंकिंग में दबदबा देखने को मिला है। अमेरिका की पांच यूनिवर्सिटीज इस रैंकिंग के टॉप 10 में शामिल हैं। ब्रिटेन की भी तीन यूनिवर्सिटीज को टॉप 10 में जगह मिली है। इस साल की रैंकिंग में अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ-साथ एशियाई यूनिवर्सिटी का बढ़ता दबदबा दिखा है। जापान और चीन की एक-एक यूनिवर्सिटी भी GEURS रैंकिंग में शामिल रही हैं।
GEURS 2025 में शामिल टॉप 10 यूनिवर्सिटीज
रैंकिंग यूनिवर्सिटी देश
1 मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी अमेरिका
2 कैलिफॉर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी अमेरिका
3 स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका
4 हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका
5 यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज ब्रिटेन
6 प्रिंसटन यूनिवर्सिटी अमेरिका
7 यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड ब्रिटेन
8 टोक्यो यूनिवर्सिटी जापान
9 इंपीरियल कॉलेज लंदन ब्रिटेन
10 पेकिंग यूनिवर्सिटी चीन
क्या है GEURS?
GEURS फर्म की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, ग्लोबल एम्प्लॉयबिलिटी यूनिवर्सिटी रैंकिंग एकमात्र ऐसी रैंकिंग है, जो पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के दृष्टिकोण पर आधारित है। इसे फ्रांस की कंसल्टेंसी फर्म इमर्जिंग द्वारा तैयार किया जाता है और वर्तमान में दुनियाभर में कंपनियों द्वारा किसी यूनिवर्सिटी की रोजगार क्षमता को समझने के लिए सबसे ज्यादा इस रैकिंग का इस्तेमाल होता है।
