भाजपा संघ के व्यक्तियों को उपकृत करने अब सेवानिवृत्त और अयोग्य व्यक्ति को भी कुलपति बनाने में लगी है- धनंजय सिंह ठाकुर
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता वि.वि. में कुलपति नियुक्ति पर नियम बदलने पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में 11 महीने से कुलपति की नियुक्ति नहीं की गईं। राज्य के बाहर से एवं संघ से कुलपति बनाने नियुक्ति नियम में बदलाव किया गया, दो बार विज्ञापन जारी करने के बाद रद्द कर दिया गया। उन्होंने आरएसएस पर तंज कसते हुए कहा, भाजपा को संघ का कुलपति बनाना ही है, तो कम से कम कुलपति के लिए ऐसा व्यक्ति तो ढूंढ ले, जो विज्ञापन में उल्लेखित आवश्यक अर्हता को पूरी करता हो। ठाकरे पत्रकारिता वि.वि. में ऐसा ही होने जा रहा है। विष्णु सरकार दिल्ली के प्रो. वीरेन्द्र कुमार भारती को कुलपति नियुक्त करने की पूरी तैयारी कर ली है, जबकि यह व्यक्ति मात्र 5 वर्ष ही प्राध्यापक रहा है और आज की स्थिति में सेवानिवृत्त हो चुका है। अर्थात कुलपति के लिए निर्धारित 5 वर्ष का कार्यकाल भी यह पूरा नहीं कर सकता, इसलिए कि उसके पहले ही इनकी उम्र 70 साल हो जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों को संघ का चारागाह बनाने में तुली है। कुलपति के विज्ञापनों में स्पष्ट उल्लेख है कि आवेदक को कम से कम 10 वर्ष प्रोफेसर होना आवश्यक है, ऐसे में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में इंटरेक्शन के लिए जो तीन लोगों को बुलाया गया है, उसमें वीरेन्द्र कुमार भारती निर्धारित अर्हता नहीं रखते। वीरेन्द्र कुमार भारती आज की स्थिति में सेवानिवृत्त प्राध्यापक हैं, जो अपने शैक्षणिक कैरियर में 10 साल प्रोफेसर नहीं रहे। संघ की पाठशाला में प्रशिक्षण होना ही उनकी मूल योग्यता है और उनको इस चयन प्रक्रिया में सम्मिलित करना ही इस बात का प्रमाण है कि यह सरकार इस व्यक्ति को कुलपति नियुक्त करना तय कर चुकी है। वीरेन्द्र कुमार भारती सेवानिवृत्त व्यक्ति हैं। जिनकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है और नियम यह है कि 70 वर्ष की उम्र तक ही कुलपति रहा जा सकता है। ऐसे में अगली बार 5 वर्ष पूर्व ही कुलपति चयन की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
