वक्ता मंच की देशभक्तिपूर्ण काव्य गोष्ठी सम्पन्न
वक्ता मंच की देशभक्तिपूर्ण काव्य गोष्ठी सम्पन्न
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर – अग्रणी सामाजिक व साहित्यिक संस्था वक्ता मंच की देशभक्तिपूर्ण काव्य गोष्ठी आज राजधानी के वृन्दावन सभागृह में संपन्न हुई l लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन आगे बढ़ाने देश भर में सार्वजनिक गणेश उत्सवों का आरम्भ किया गया था। उस दौरान गणेश उत्सवों के मंच का उपयोग सांस्कृतिक व साहित्यिक कार्यक्रमों के माध्यम से देश भक्ति की भावनाओं को जागृत करने हेतु किया गया था l गणेशोत्सव की इस देशभक्तिपूर्ण विरासत को पुनः ताजा करने वक्ता मंच द्वारा यह आयोजन किया गया।
मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने जानकारी दी है कि रायपुर , सिमगा , दुर्ग , राजिम एवं बेमेतरा से आये हुये साठ से अधिक कवियों ने हिंदी व छत्तीसगढ़ी में काव्य पाठ किया l ” जरा याद करो कुर्बानी” विषय पर संपन्न इस काव्य गोष्ठी के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार पं. पी. के. त्रिपाठी थे l गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री शुभा शुक्ला ‘ निशा ‘ ने की l वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी एवं समाज सेविका ज्योति शुक्ला ने विशिष्ट अतिथि की आसंदी को सुशोभित किया l कार्यक्रम में राजेश शर्मा एवं करण बघेल को नवोदित रचनाकार सम्मान से नवाजा गया l इस अवसर पर वक्ता मंच की संरक्षिका ज्योति शुक्ला के जन्मदिन को उत्सवित किया गया l
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते एवं संयोजन व आभार प्रदर्शन संयोजक शुभम साहू द्वारा किया गया। देर शाम तक चली इस महफिल में पी के त्रिपाठी , राजकुमार धर द्विवेदी , शुभा शुक्ला , ज्योति शुक्ला , राजेश पराते , शुभम साहू , घासीराम रात्रे , गंगा शरण पासी , करण बघेल , शिवानी मैत्रा , कमल सूर्यवंशी , डॉ.कमल वर्मा , जी आर पारकर , आर. एस. सेन , सुषमा पटेल , मधु तिवारी , तामेश्वर साहू , रामचंद्र श्रीवास्तव , अर्चना श्रीवास्तव , कुमार जगदलवी , रुनाली चक्रवर्ती , वीरेंद्र शर्मा ‘ अनुज ‘, राजेंद्र रायपुरी , सुनीता वैष्णव , मोहित कुमार शर्मा , मयूराक्षी मिश्रा , सत्येंद्र तिवारी ‘ सकुति ‘, राहुल कलिहारी , विवेक भट्ट “आशा परशुराम”, प्रमोद पटले , सूर्यकांत देवांगन ‘ प्रचंड ‘, शायर रवि , प्रतीक कश्यप , उमराव सिंह वर्मा , अंचित पटले , आरव शुक्ला , सिद्धांत शुक्ला , अनिल राय ‘ भारत ‘, जागृति मिश्रा , डॉ महेंद्र ठाकुर , मोहम्मद हुसैन , महेंद्र बेजुबा , नौरीन नाज़ , डॉ गोपा शर्मा , आदित्य बर्मन आजाद , यशवंत यदु यश , राजेश शर्मा , नूतनलाल साहू , चंद्रहास सेन , सुप्रिया शर्मा , दीपमाला पाण्डेय , संजय देवांगन , लोकनाथ साहू , सी एल दुबे , अदिति तिवारी , चंद्रकला त्रिपाठी , प्रीतिरानी तिवारी , मोहन श्रीवास्तव एवं शोभा मोहन श्रीवास्तव सहित बायसठ कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दी।
इस काव्यगोष्ठी की प्रमुख प्रस्तुतियां इस प्रकार है –
आदित्य बर्मन “आजाद” –
मैं दीवाना हूँ शहीदों का , वीरों की पुकार लिखूंगा
छोड़कर महबूबा की कलाई , हाथों में हो तलवार लिखूंगा
शिवानी मैत्रा –
जिनकी वजह से लिखी गई आजाद भारत की कहानी ,
आज हम सब याद करे ऐसे वीरों की कुर्बानी
अपनी रक्त की हर बूंद का शहीदों ने किया बलिदान
जो आजादी हासिल हुई हो हम सबके लिये है वरदान।
मधु तिवारी –
मजहबी आग जो लगी थी कहीं
तुम लहू सींचकर बुझाते रहे
संकट आया जब भी देश में
तुम अपने प्राणों की बाजी लगाते रहे
मेरे देश के वीर जवान
वतन पर अपनी जान लुटाते रहे।
विरेंद्र शर्मा “अनुज”
हमारा हर जवां मरने को अब तैयार बैठा है
कफ़न बांधे हुए हाथों में ले तलवार बैठा है ,
मिटा देंगे उनकी हस्ती जो वतन पे आंख उठा के देखेगा
यहां का बच्चा बच्चा अंगार बना बैठा है l
आरव शुक्ला –
कारवां देशभक्ति का कभी रुकने नहीं पाये
दुश्मन की नजर इस देश पर कभी उठने नहीं पाये
तीन रंगों की रक्षा में भले ही सर कटा देंगे हम
तिरंगा देश का लेकिन कभी झुकने ना पाये।
