August 6, 2026

राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) के 81वें दौर का शुभारंभ : प्रवासन, ऋण-निवेश और कृषि परिवारों के स्थिति आकलन का क्षेत्रीय कार्य शुरू

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राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) के 81वें दौर का शुभारंभ : प्रवासन, ऋण-निवेश और कृषि परिवारों के स्थिति आकलन का क्षेत्रीय कार्य शुरू

मुख्य बिंदु:

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) और छत्तीसगढ़ सांख्यिकी संचालनालय के नेतृत्व में NSS 81वें दौर की शुरुआत।

जुलाई 2026 से जून 2027 तक चलेगा यह राष्ट्रव्यापी क्षेत्रीय सर्वेक्षण कार्य।

प्रवासन (Migration), अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश (AIDIS) तथा कृषि परिवारों के स्थिति आकलन (SAS) पर संकलित होंगे विश्वसनीय आंकड़े।

रायपुर, 21 जुलाई 2026:भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के मार्गदर्शन में तथा आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (National Sample Survey – NSS) के 81वें दौर का शुभारंभ कर दिया गया है। इसके तहत प्रवासन सर्वेक्षण, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (AIDIS) तथा कृषि परिवारों का स्थिति आकलन सर्वेक्षण (SAS) का मैदानी कार्य जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर जून 2027 तक संचालित होगा।

इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य देश और राज्य की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों का सटीक और विश्वसनीय डेटा तैयार करना है, जिससे साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) जनकल्याणकारी नीतियां बनाई जा सकें।

1. प्रवासन की बदलती प्रवृत्तियों का होगा सटीक आकलन

प्रवासन सर्वेक्षण के माध्यम से व्यक्तियों और परिवारों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के मुख्य कारणों का अध्ययन किया जाएगा:

मुख्य कारक: रोजगार, शिक्षा, विवाह और अन्य सामाजिक-आर्थिक वजहें।

उपयोग: इससे देश के भीतर आंतरिक प्रवासन (Internal Migration) और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को गहराई से समझने में मदद मिलेगी।

2. परिवारों की वित्तीय स्थिति और कर्ज का व्यापक चित्र

अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (AIDIS) के जरिए आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को मापा जाएगा:

परिवारों की ऋणग्रस्तता (Debt Structure) और ऋण के स्रोतों की जानकारी।

निवेश का स्वरूप, संपत्ति और देनदारियों (Assets & Liabilities) का ब्योरा।

इससे देश में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) और बैंकिंग सेवाओं की पहुँच का सही आंकलन होगा।

3. कृषि परिवारों की आय और जीवन स्तर का अध्ययन

कृषि परिवारों का स्थिति आकलन सर्वेक्षण (SAS) किसानों के जीवन स्तर और खेती-किसानी से जुड़े पहलुओं पर केंद्रित रहेगा:

किसानों की कुल आय, कृषि लागत (Input Cost) और संसाधनों की उपलब्धता।

कृषि-संबद्ध गतिविधियों और किसानों की ऋण स्थिति का विवरण।

इस डेटा से भविष्य की कृषि नीतियों और किसान कल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

CAPI प्रणाली और डेटा सुरक्षा: पूर्णतः गोपनीय रहेंगे आंकड़े

डिजिटल संग्रहण: सर्वेक्षण कार्य में प्रशिक्षित प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक चयनित ग्रामीण व शहरी परिवारों से टैबलेट आधारित CAPI (Computer Assisted Personal Interviewing) प्रणाली से सीधे डिजिटल डेटा संकलित करेंगे। इससे आंकड़ों में सटीकता और पारदर्शिता बनी रहेगी।

कड़ी गोपनीयता: सर्वेक्षण में जुटाई गई सभी जानकारियां सांख्यिकी अधिनियम, 2008 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय और नीति-निर्माण के उद्देश्यों के लिए होगा।

आम जनता से सहयोग की अपील

आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने राज्य के सभी चयनित परिवारों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दल को सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपना योगदान दें।