किसानों का बड़ा आंदोलन, ट्रैक्टरों से नेशनल हाईवे जाम, स्कूलों में छुट्टी
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में किसानों ने अपनी 23 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ कवर्धा पहुंचे और रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम कर दिया। किसानों के प्रदर्शन के कारण शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है। प्रमुख मार्गों पर ट्रैक्टर और अन्य वाहन खड़े किए जाने से आवाजाही बाधित है। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस को आने-जाने की अनुमति दी जा रही है। आंदोलन के कारण स्कूलों में छुट्टी की घोषणा भी कर दी गई है।
किसानों का प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। बड़ी संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कवर्धा शहर के पांचों प्रवेश द्वारों पर चक्काजाम कर रखा है। रायपुर-जबलपुर मार्ग, कवर्धा-राजनांदगांव मार्ग और कवर्धा-बिलासपुर मार्ग सहित प्रमुख रास्तों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते वाहन चालकों और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रदर्शनस्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारी किसानों से बातचीत की। अधिकारियों ने किसानों की मांगों को लेकर चर्चा की, लेकिन बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल सका।
इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। किसानों की प्रमुख मांगों में जिले के दोनों शक्कर कारखानों में गन्ना उत्पादन बढ़ाना, गन्ने के बोनस में 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करना, सुतियापाट जलाशय का विस्तार करना, बिजली बिल कम करना और पूर्व सरकार के समय के धान बोनस की राशि जारी करना शामिल है। इन मांगों सहित किसान कुल 23 मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रशासन और सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों के इस रुख के कारण प्रशासन के सामने चक्काजाम समाप्त कराने की चुनौती बनी हुई है। इस आंदोलन की खास बात यह है कि किसान पूरी तैयारी के साथ प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे हैं।बड़ी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ आए हैं।
प्रदर्शनकारी अपने साथ करीब एक सप्ताह का राशन भी लेकर पहुंचे हैं। आंदोलनस्थल पर कुछ किसान सड़क किनारे भोजन बनाते हुए दिखाई दिए। इससे संकेत मिल रहा है कि किसान लंबे समय तक प्रदर्शन जारी रखने की तैयारी में हैं। किसानों के चक्काजाम का असर शहर की सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने से लोगों को परेशानी हो रही है। स्कूली बच्चों और वाहन चालकों पर भी प्रदर्शन का प्रभाव पड़ा है। स्थिति को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान एम्बुलेंस को रास्ता दिया जा रहा है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को परेशानी न हो। अन्य वाहनों की आवाजाही प्रमुख मार्गों पर बाधित बनी हुई है। फिलहाल किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और प्रशासनिक अधिकारी आंदोलन समाप्त कराने के लिए बातचीत का प्रयास कर रहे हैं। पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद स्थिति जस की तस बनी हुई है। किसानों ने साफ कर दिया है कि मांगों पर गंभीरता से विचार होने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। ऐसे में प्रशासन के सामने किसानों की मांगों पर समाधान निकालने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था सामान्य करने की चुनौती है।
