Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 100 मिनट में हुआ फुल; क्या अभी भी कर सकते हैं निवेश? जानिए जरूरी बातें
Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 30,213 करोड़ रुपये का यह आईपीओ खुलने के महज 100 मिनट के भीतर ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। ऐसे में कई निवेशकों को लग रहा है कि अब इसमें पैसा लगाने का मौका खत्म हो गया है। हालांकि, ऐसा नहीं है। आईपीओ के पूरी तरह सब्सक्राइब होने का मतलब यह नहीं है कि आवेदन करने की प्रक्रिया बंद हो गई है। आम निवेशक निर्धारित समय सीमा के भीतर अभी भी इसमें आवेदन कर सकते हैं।
21 अक्टूबर को खुले इस आईपीओ ने शुरुआती कारोबार में ही बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कंपनी के बड़े आकार, डिजिटल कारोबार में उसकी मजबूत मौजूदगी और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए निवेशक इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, किसी आईपीओ का तेजी से सब्सक्राइब होना अपने आप में मुनाफे की गारंटी नहीं है। निवेश करने से पहले इसके सभी पहलुओं को समझना जरूरी है।
100 मिनट में कैसे फुल हुआ आईपीओ?
आईपीओ खुलने के बाद निवेशकों की ओर से बड़ी संख्या में आवेदन किए जाने के कारण इसे तेजी से सब्सक्रिप्शन मिला। जब किसी आईपीओ में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले निवेशकों की ओर से अधिक शेयरों के लिए आवेदन आ जाते हैं, तो संबंधित श्रेणी को सब्सक्राइब माना जाता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का शुरुआती समय में ही पूरी तरह सब्सक्राइब होना बाजार में इसके प्रति मजबूत रुचि को दर्शाता है। हालांकि, कुल सब्सक्रिप्शन और अलग-अलग निवेशक श्रेणियों का सब्सक्रिप्शन अलग-अलग हो सकता है। इसलिए निवेशकों को केवल एक आंकड़े के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए।
क्या अब भी कर सकते हैं आवेदन?
आईपीओ के पूरी तरह सब्सक्राइब होने के बाद भी आवेदन की अंतिम तारीख तक आवेदन किया जा सकता है, बशर्ते इश्यू खुला हो और संबंधित श्रेणी में आवेदन की सुविधा उपलब्ध हो। इसलिए जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में रुचि रखने वाले निवेशकों को यह समझना चाहिए कि सब्सक्रिप्शन पूरा होने और आईपीओ बंद होने में अंतर है।
यदि आप इसमें निवेश करना चाहते हैं, तो अपने बैंक के ASBA माध्यम या समर्थित ब्रोकर के जरिए आवेदन की प्रक्रिया देख सकते हैं। यूपीआई के माध्यम से आवेदन करने वाले निवेशकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान संबंधी मैंडेट को भी स्वीकृति देनी होती है।
हालांकि, आवेदन करने से पहले आईपीओ की आधिकारिक अंतिम तारीख, प्राइस बैंड, न्यूनतम आवेदन राशि और लॉट साइज की पुष्टि जरूर करें। यहां दी गई जानकारी के आधार पर यह न मानें कि आवेदन की सुविधा हर निवेशक श्रेणी में समान रूप से उपलब्ध है।
