August 7, 2026

Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, नाराज हो सकते हैं देवगुरु बृहस्पति और मां लक्ष्मी

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Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, नाराज हो सकते हैं देवगुरु बृहस्पति और मां लक्ष्मी

Guru Purnima 2026: आषाढ़ पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। इस दिन गुरुजनों, माता-पिता और विद्वानों का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई गुरु सेवा जीवन के सभी कष्टों को दूर कर देती है और तरक्की के बंद रास्ते खोल देती है।

शास्त्रों के मुताबिक, गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर कुछ ऐसी गलतियां हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से न केवल पूजा का शुभ फल निष्फल हो जाता है, बल्कि देवगुरु बृहस्पति और मां लक्ष्मी की नाराजगी का सामना भी करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि इस दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए

1. गुरु का अनादर या अपमान न करें

गुरु पूर्णिमा के दिन जाने-अनजाने में भी अपने गुरु, शिक्षकों, माता-पिता या घर के वरिष्ठ जनों का अपमान न करें। उनका अनादर करने या उनसे कटु शब्द बोलने से कुंडली में बृहस्पति कमजोर होता है, जिससे जीवन में तरक्की रुक जाती है।

2. तामसिक भोजन और नशीली वस्तुओं से दूर रहें

इस पावन तिथि पर सात्विकता का पालन करना अनिवार्य है। इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज जैसी तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी न करें। इस नियम का उल्लंघन करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मां लक्ष्मी रुष्ट होती हैं

3. गुरु से आसन या ऊंचे स्थान पर न बैठें

शास्त्रों के अनुसार गुरु के समक्ष बैठते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपका स्थान गुरु के आसन से ऊंचा न हो। गुरु के सामने अहंकार दिखाना या उनके बराबरी में बैठने की चेष्टा करना उनके प्रति असम्मान माना जाता है।

4. दान-दक्षिणा देने में कंजूसी न करें

गुरु पूर्णिमा का दिन दान-पुण्य के लिए विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन यदि कोई याचक, गरीब या जरूरतमंद आपके द्वार पर आए, तो उसे खाली हाथ न लौटाएं। अपनी क्षमतानुसार अन्न, वस्त्र या दक्षिणा का दान अवश्य करें।

5. घर में कलह या अपशब्दों का प्रयोग न करें

पूर्णिमा के दिन घर का वातावरण शांत और पवित्र होना चाहिए। इस दिन किसी से वाद-विवाद, लड़ाई-झगड़ा या अपशब्दों का प्रयोग करने से बचें। जिस घर में पूर्णिमा के दिन क्लेश होता है, वहां दरिद्रता का वास होने लगता है।

गुरु पूर्णिमा पर क्या करें? (विशेष उपाय)

प्रातःकाल स्नान के बाद अपने गुरु या उनके प्रतीक स्वरूप की पूजा-अर्चना करें।

भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा कर पीले फल, चने की दाल और पीले वस्त्र अर्पित करें।

गुरुजनों को यथाशक्ति वस्त्र, फल या दक्षिणा भेंट कर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।