August 11, 2026

सरकार की दुर्भावना से धान खरीदी बाधित, किसान आत्महत्या करने हो रहे हैं मजबूर

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सरकार की दुर्भावना से धान खरीदी बाधित, किसान आत्महत्या करने हो रहे हैं मजबूर

रायपुर/29 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में लगातार हो रहे व्यवधान को सत्ता प्रायोजित षड्यंत्र करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह सरकार किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती, इसलिए तरह-तरह से अड़चन पैदा करके बाधित कर रही है।

समय पर आरओ जारी नहीं करना, धान का उठाव न होना, केंद्रों पर जाम लगना, सर्वर डाउन, पोर्टल में दिक्कत सहित तमाम तकनीकी खामियों, धान के बफर लिमिट से अधिक जमा होने से सूखना, टोकन कटने में देरी, वन पट्टा सत्यापन में समस्या सरकार प्रायोजित षड्यंत्र है जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी हो रही है, उन्हें बिचौलियों को कम दाम पर धान बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है, यह सरकार किसान विरोधी चरित्र है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि टोकन की समस्या से किसान लगातार जूझ रहे हैं, विगत दिनों टोकन के लिए सोसायटी के चक्कर काट कर थक चुके महासमुंद जिले के सेंधभाटा के किसान मनोबोध गाडा ने अपना गला रेत लिया था, कल रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड के बकेली में 15 दिनों से टोकन के लिए भटक रहे किसान कृष्ण कुमार गबेल ने हताश होकर कीटनाशक पी कर आत्महत्या का प्रयास किया। सरकार की अकर्मण्यता और दुर्भावना से किसान बे-मौत मरने मजबूर हैं। टोकन नहीं कटने के कारण किसानो को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी हो रही है, धान खराब होने की आशंका है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार ने प्रतिदिन धान खरीदी की सीमा घटाकर कम कर दिया है, इससे सैकड़ों किसानों को लाइन में लगना पड़ रहा है, उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था के चलते किसानों को अपना धान खुले बाजार में औने-पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है। वन पट्टा धारक किसानों के खेतों का पंजीयन नहीं किया गया है, सत्यापन में समस्या आने से भी खरीदी प्रक्रिया धीमी हो गई है। बफर लिमिट और भंडारण की समस्या लगभग सभी संग्रहण केंद्रों में है। खरीदी केंद्रों पर निर्धारित सीमा (बफर लिमिट) से अधिक धान जमा होने से वह सूख रहा है और इसीलिए धान खरीदी धीमा किया गया है।