छत्तीसगढ़ी फिल्म सिधवा सजन की चोरी, SDF PRODUCTION के खिलाफ FIR दर्ज
छत्तीसगढ़ी फिल्म सिधवा सजन की चोरी, SDF PRODUCTION के खिलाफ FIR दर्ज
रायपुर। छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग में कॉपीराइट उल्लंघन का गंभीर मामला सामने आया है। टाटीबंध, रायपुर के निवासी और फिल्म निर्माता दिनेश कुमार मिश्रा ने अपनी छत्तीसगढ़ी फिल्म “सिधवा सजन” को बिना उनकी अनुमति के यूट्यूब चैनल SDF PRODUCTION पर अपलोड करने के आरोप में थाना आमनाका में लिखित आवेदन दर्ज कराया है। प्रार्थी का आरोप है कि चैनल के संचालक सुनील दिवाकर ने अपने व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से इस फिल्म को अवैध रूप से अपलोड किया और इससे उन्हें लगभग 35 लाख रुपए की आर्थिक हानि हुई है।
दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने फिल्म “सिधवा सजन” का निर्माण किया था और इसे भारत सरकार के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से 30 दिसंबर 2014 को प्रमाणित कराया गया। सेंसर सर्टिफिकेट नंबर DIL/2/15/2014-CUT के तहत यह फिल्म पूरी तरह कानूनी मानकों के अनुरूप है। निर्माण पर लगभग 35 लाख रुपए खर्च किए गए।
लेकिन कॉपीराइट किसी को भी बिक्री या वितरण के लिए नहीं दिया गया था। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि 4 फरवरी 2025 की सुबह उन्होंने अचानक यूट्यूब चैनल @SDF PRODUCTION पर अपनी फिल्म अपलोड होने की सूचना देखी। फिल्म को अब तक लगभग 5.5 लाख लोग देख चुके हैं।
इसके माध्यम से चैनल संचालक ने आर्थिक लाभ अर्जित किया, जबकि दिनेश कुमार मिश्रा को इसका कोई लाभ नहीं मिला। प्रार्थी ने यह भी बताया कि सुनील दिवाकर ने फिल्म को बिना किसी अनुमति और सहमति के अपलोड किया, जिससे यह कॉपीराइट एक्ट 63(B) का उल्लंघन है।
इस संदर्भ में दिनेश कुमार मिश्रा ने थाना में आवेदन में पुलिस से अनुरोध किया है कि यूट्यूब चैनल SDF PRODUCTION के संचालक सुनील दिवाकर के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया जाए और उचित वैधानिक कार्रवाई की जाए। प्रार्थी ने पुलिस को सबूत के रूप में कई दस्तावेज और सामग्री भी उपलब्ध कराई है।
इनमें शामिल हैं- SDF PRODUCTION यूट्यूब चैनल के स्क्रीनशॉट की कॉपी।
यूट्यूब पर चल रही फिल्म “सिधवा सजन” के स्क्रीनशॉट की कॉपी।
निर्माता कार्ड की कॉपी। सेंसर बोर्ड द्वारा जारी सर्टिफिकेट की कॉपी।
यूट्यूब पर चल रही फिल्म की क्लिप की सीडी।
दिनेश कुमार मिश्रा ने अपने आवेदन में कहा कि इस अवैध अपलोड से न केवल उनकी आर्थिक हानि हुई है, बल्कि उनकी फिल्म निर्माण और वितरण की प्रतिष्ठा को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले की त्वरित और सख्त जांच की जाए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। थाना आमनाका ने इस आवेदन पर कॉपीराइट एक्ट 63(B) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।
पुलिस द्वारा अब यूट्यूब चैनल के संचालक सुनील दिवाकर की पहचान और अन्य कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों की मदद से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फिल्म के अवैध अपलोड और आर्थिक लाभ के सभी पहलुओं का तथ्यात्मक मूल्यांकन हो।
इस घटना से छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग और कलाकारों में कॉपीराइट सुरक्षा और अवैध डिजिटल वितरण के प्रति जागरूकता बढ़ने की संभावना है। फिल्म निर्माताओं और कलाकारों ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया है।
