June 6, 2026

वैकुंठ चतुर्दशी दिन दीप दान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है

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वैकुंठ चतुर्दशी दिन दीप दान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है

वैकुंठ चतुर्दशी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो आज 14 नवंबर गुरुवार को मनाया जा रहा है.

इस दिन दीप दान करना बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन दीप दान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही परिवार के सदस्यों को पितरों की कृपा भी प्राप्त होती है, ऐसा माना जाता है कि दीप दान के माध्यम से पितरों को प्रसाद अर्पित करने से लोगों के सभी दुख दूर हो जाते हैं और पितर प्रसन्न होते हैं.
और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. आज शाम के समय काम से पहले कम से कम पांच दीपक जलाने चाहिए.

चतुर्दशी तिथि

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 14 नवंबर को सुबह 9.43 बजे से शुरू हो गई है. जबकि चतुर्दशी तिथि का समापन 15 नवंबर को सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर होगा. इस दिन निशिता काल में पूजा करने की परंपरा है.

वैकुंठ चतुर्दशी: अच्छा समय

वैकुंठ चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा के लिए निशिता काल रात 11:39 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा. ऐसे में भक्तों को पूजा के लिए कुल 53 मिनट का समय मिलेगा.

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