October 3, 2026

एशियाड में अमन सहरावत ने जीता गोल्ड, भारत को 20वां स्वर्ण

260926

नागोया। एशियन गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक आया है। युवा पहलवान अमन सहरावत ने पुरुषों की 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में उत्तर कोरिया के हान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर गोल्ड जीता। इस जीत के साथ भारत की पदक तालिका में 20 स्वर्ण पदक हो गए हैं। अमन ने इस बार 2022 एशियन गेम्स के कांस्य पदक को स्वर्ण में बदल दिया।

अमन के लिए यह मुकाबला आसान नहीं रहा। फाइनल में एक समय वह बढ़त बनाने के बाद पीछे भी चले गए थे, लेकिन निर्णायक क्षणों में उन्होंने शानदार वापसी की। मुकाबला लगातार उतार-चढ़ाव वाला रहा और आखिरी मिनट में अमन के दमदार दांव ने मैच का रुख बदल दिया। अंततः उन्होंने 11-7 से जीत दर्ज कर भारत के खाते में एक और स्वर्ण जोड़ दिया।

6-1 की बढ़त के बाद पलटा मुकाबला

फाइनल की शुरुआत में अमन सहरावत ने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अच्छी बढ़त हासिल की। ब्रेक के आसपास वह 6-1 से आगे चल रहे थे। उनके आक्रामक दांव और मजबूत डिफेंस ने उत्तर कोरियाई पहलवान को दबाव में रखा। अमन ने मौके का फायदा उठाते हुए लगातार अंक जुटाए और मुकाबले पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की। हालांकि इसके बाद मुकाबले में अचानक बदलाव आया।

हान चोंग सोंग ने पलटवार करते हुए तेजी से अंक हासिल किए और अमन की बढ़त को खत्म कर दिया। उत्तर कोरियाई पहलवान ने लगातार छह अंक जुटाते हुए स्कोर को 7-6 कर लिया। इस स्थिति में मुकाबला पूरी तरह खुल गया था और दोनों पहलवानों के बीच स्वर्ण पदक के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला।

आखिरी मिनट में अमन ने बदला पूरा समीकरण

जब मुकाबला उत्तर कोरियाई पहलवान की ओर जाता दिखाई दे रहा था, तब अमन ने निर्णायक दांव खेला। उन्होंने एक महत्वपूर्ण मूव के जरिए चार अंक हासिल किए और फिर एक चुनौती असफल रहने के बाद उन्हें एक और अंक मिला। इससे अमन दोबारा बढ़त में आ गए।

मुकाबले के अंतिम एक मिनट में अमन ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पिन और टर्न करते हुए नियंत्रण में लिया। इसके बाद उन्होंने बढ़त बनाए रखी और मुकाबला 11-7 से अपने नाम कर लिया। फाइनल के आखिरी हिस्से में उनकी रणनीति और संयम ने उन्हें स्वर्ण पदक तक पहुंचाया।

हांगझोऊ के कांस्य को सोने में बदला

अमन सहरावत के लिए यह एशियन गेम्स का दूसरा पदक है। 2022 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में उन्होंने इसी 57 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता था। चार साल बाद उन्होंने पदक का रंग बदलते हुए स्वर्ण हासिल किया। भारतीय पहलवान के लिए यह उपलब्धि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।

23 वर्षीय अमन के नाम 2024 पेरिस ओलंपिक का कांस्य पदक भी है। इस तरह उनके अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में अब एशियन गेम्स का स्वर्ण भी जुड़ गया है। कम उम्र में एशियाई और ओलंपिक स्तर पर पदक जीतने के बाद उनके करियर में यह स्वर्ण एक और बड़ी उपलब्धि बनकर सामने आया है।

भारत का कुश्ती अभियान भी मजबूत हुआ

अमन का स्वर्ण एशियन गेम्स 2026 में पुरुष फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत के लिए दूसरा स्वर्ण है। उनसे एक दिन पहले सुजीत कालकल ने 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड जीता था। इस तरह फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत के खाते में अब दो स्वर्ण पदक आ चुके हैं। सुजीत ने भी फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी वापसी की थी।

भारत के लिए कुश्ती प्रतियोगिता के अंतिम चरण में लगातार स्वर्ण पदक आना टीम के प्रदर्शन की प्रमुख खबरों में शामिल है। अमन की जीत ने इस अभियान को और मजबूत किया है।

भारत के 20 गोल्ड पूरे

अमन सहरावत के स्वर्ण के साथ भारत ने 20 स्वर्ण पदकों का आंकड़ा पार किया। एशियन गेम्स के अंतिम दिन भारत की ओर से कई खेलों में पदक मुकाबले हुए। पुरुष क्रिकेट में भारत ने पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण जीता, जबकि महिला हॉकी टीम ने भी प्रतियोगिता में गोल्ड हासिल किया।

तीरंदाजी और गोल्फ में भी भारत के पदक अभियान को सफलता मिली। दिन के इस स्वर्ण ने भारतीय दल की पदक तालिका में स्थिति को और मजबूत किया। आधिकारिक और प्रमुख खेल रिपोर्टों के अनुसार, 3 अक्टूबर को भारत के लिए कुश्ती, तीरंदाजी, गोल्फ और क्रिकेट समेत कई खेलों में महत्वपूर्ण पदक आए।

फाइनल में मानसिक मजबूती भी दिखी

अमन की फाइनल जीत की खास बात सिर्फ अंतिम स्कोर नहीं, बल्कि मुकाबले के दौरान उनका वापसी करना भी रहा। 6-1 की बढ़त के बाद विपक्षी पहलवान के 7-6 से आगे निकलने के बावजूद अमन ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने मौके का इंतजार किया और निर्णायक समय में अंक हासिल किए।

कुश्ती जैसे खेल में कुछ ही सेकंड में मुकाबले का समीकरण बदल सकता है। इस फाइनल में भी ऐसा ही देखने को मिला। अमन पहले नियंत्रण में थे, फिर पीछे हुए और अंत में दोबारा बढ़त हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम करने में सफल रहे।

भारत के लिए एक और यादगार स्वर्ण

अमन सहरावत की जीत भारत के एशियन गेम्स अभियान के अंतिम चरण में आई एक महत्वपूर्ण सफलता है। उनके नाम पहले से एशियन गेम्स कांस्य और ओलंपिक कांस्य पदक था, लेकिन अब उन्होंने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक भी हासिल कर लिया है।

इस जीत के साथ उन्होंने न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की, बल्कि भारतीय कुश्ती दल को भी एक और स्वर्ण दिलाया। उनके प्रदर्शन ने यह दिखाया कि मुकाबले के अंतिम क्षण तक स्थिति बदल सकती है और दबाव में सही समय पर किया गया एक सफल दांव पूरा मुकाबला पलट सकता है।