August 11, 2026

प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें – सीएम साय

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अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

जांजगीर चाम्पा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को पचास करोड़ से बढ़ाकर पचहत्तर करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक , सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिये सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुये हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे , यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सीएम साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिये विशेष रूप से इसलिये चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के पच्चीसवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नये कीर्तिमान स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुये हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिये प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है , जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। सीएम साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिये दो करोड़ रुपये , अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिये पचास लाख रुपये , प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर दो सौ करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में ‘नालंदा परिसर’ के निर्माण की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो , लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण ना होना चिंता का विषय है। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिये निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिये किये जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण , मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार , जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था , ठहरने की सुविधा , जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग , बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण , विद्यार्थियों के लिये स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिये भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप , कार्यक्षेत्र , अनुमोदित कार्यों की समीक्षा , बजट प्रावधानों की जानकारी एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं , सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर उनचास करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव , उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब , मंत्री दयाल दास बघेल , लखन लाल देवांगन , श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े , टंकराम वर्मा , सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े , विधायक पुन्नूलाल मोहले , डोमनलाल कोर्सेवाड़ा , दिलीप लहरिया , श्रीमती शेषराज हरवंश , श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े , श्रीमती कविता प्राण लहरे , श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर , बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त , आईजी एवं सत्रह जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा , सक्ती , बिलासपुर , मुंगेली , रायपुर , बलौदाबाजार-भाटापारा , गरियाबंद , रायगढ़ , सारंगढ़-बिलाईगढ़ , दुर्ग , बेमेतरा , बालोद , महासमुंद , राजनांदगांव , खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं , जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या पच्चीस प्रतिशत से अधिक है। बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी , बिलासपुर से राजेश सूर्यवंशी , गरियाबंद से गौरीशंकर कश्यप , अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा , मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह , प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा , मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं बसव राजू , पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम , विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार , रोहित यादव , कमलप्रीत सिंह , श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले , आर. प्रसन्ना , श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।