August 24, 2026

चीनी के बाद प्याज के भी बढ़ने लगे दाम

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नई दिल्ली।  त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है और इससे पहले रसोई के बजट पर महंगाई का दबाव बढ़ता दिख रहा है। प्याज और चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है, वहीं दाल, चावल, आटा और सब्जियों के दाम में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में सवाल है कि खाद्य पदार्थ के दामों में कितनी बढ़ोतरी देखने को मिली है? प्याज और चीनी समेत जरूरी खाने-पीने की चीजों के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? त्योहारों से पहले इसका आम लोगों की जेब पर कितना असर पड़ेगा?

अभी कितने हैं जरूरी चीजों के दाम?

उपभोक्ता मामलों के विभाग के 23 अगस्त के अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य के मुताबिक, चावल 45.08 रुपये प्रति किलो रहा। वहीं एक महीने पहले यह 44.81 रुपये और एक साल पहले यह 42.66 रुपये प्रति किलो था।

  • सरसों तेल: 23 अगस्त को पैक्ड सरसों तेल की औसत खुदरा कीमत 197.82 रुपये प्रति किलो रही। एक महीने पहले यह 195.99 रुपये प्रति किलो और एक साल पहले यह 187.98 रुपये प्रति किलो थी।
  • मूंगफली तेल: 23 अगस्त को पैक्ड मूंगफली तेल की औसत खुदरा कीमत 205.93 रुपये प्रति किलो रही। एक महीने पहले यह 206.36 रुपये प्रति किलो और एक साल पहले यह 186.77 रुपये प्रति किलो थी। यानी एक साल में इसकी कीमत करीब 19.16 रुपये प्रति किलो बढ़ी है।
  • चना दाल की औसत खुदरा कीमत 85.88 रुपये प्रति किलो रही। एक महीने पहले यह 86.14 रुपये और एक साल पहले 86.93 रुपये थी। यानी चना दाल पिछले साल के मुकाबले सस्ती है।
  • आलू की औसत कीमत 21.94 रुपये प्रति किलो रही। एक महीने पहले यह 22.90 रुपये और एक साल पहले 25.57 रुपये थी। यानी आलू भी सालाना आधार पर सस्ता है।
  • तुअर या अरहर दाल की औसत कीमत 122.11 रुपये प्रति किलो रही। एक महीने पहले यह 123.07 रुपये और एक साल पहले 116.48 रुपये थी।
  • पैक्ड आयोडाइज्ड नमक की औसत कीमत 22.62 रुपये प्रति किलो रही। एक महीने पहले यह 22.13 रुपये और एक साल पहले 21.19 रुपये थी।
  • आटे की औसत खुदरा कीमत 37.64 रुपये प्रति किलो रही। एक महीने पहले यह 37.03 रुपये और एक साल पहले 36.80 रुपये थी। वहीं बाजार में आटे का थोक भाव करीब 1,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की बात सामने आई है।
  • चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.13 रुपये प्रति किलो रही। एक महीने पहले यह 48.62 रुपये और एक साल पहले 46.30 रुपये थी। कुछ बाजारों में चीनी 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। ये सभी अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमतें हैं। किसी शहर या दुकान में वास्तविक कीमत इससे कहीं ज्यादा है।

प्याज की कीमत में तेजी क्यों?

प्याज की कीमतों में इस समय सबसे ज्यादा तेजी दिखी है। इसका औसत खुदरा मूल्य 42.08 रुपये प्रति किलो है। एक सप्ताह पहले यह 35.85 रुपये, एक महीने पहले 34.91 रुपये और एक साल पहले 28.41 रुपये था। वहीं, दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि एक साल पहले यह 35 रुपये थी। चेन्नई में यह करीब 58 रुपये किलो तक बिक रही है, जबकि पिछले साल 33 रुपये किलो थी। प्याज की महंगाई के पीछे सिर्फ उत्पादन कम होना वजह नहीं है। मार्च-अप्रैल में महाराष्ट्र में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से देर से आने वाली फसल और स्टोर किए गए प्याज को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा बाजार में महंगे स्टोर किए गए रबी प्याज की आवक हुई, जिससे उपलब्ध सप्लाई पर दबाव बढ़ा।

कहां होता है प्याज का सबसे ज्यादा उत्पादन?

महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक 2024-25 में देश के कुल प्याज उत्पादन में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 44.07 फीसदी थी। मध्य प्रदेश 14.44 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसलिए महाराष्ट्र में फसल या स्टॉक प्रभावित होने का असर देश के दूसरे बाजारों में भी पड़ता है।