October 8, 2026

आज का पंचांग 8 अक्टूबर 2026: जानिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल और प्रदोष व्रत का समय

230626

आज का पंचांग 8 अक्टूबर 2026

शक संवत 1948, आश्विन, कृष्ण, त्रयोदशी, गुरुवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 08 अक्टूबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, शरद ऋतु। राहुकाल दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 00 मिनट तक। त्रयोदशी तिथि रात्रि 10 बजकर 15 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ।

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 09 बजकर 20 मिनट तक उपरांत उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ। शुक्ल योग मध्यरात्रि बाद 12 बजकर 58 मिनट (09 अक्टूबर) तक उपरांत ब्रह्म योग का आरंभ। गरज करण प्रातः 10 बजकर 43 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चन्द्रमा अगले दिन तड़के 03 बजकर 18 मिनट (09 अक्टूबर) तक सिंह राशि पर उपरांत कन्या राशि पर संचार करेगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:18 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 05:59 बजे

चंद्रोदय का समय: मध्यरात्रि बाद 04:54 बजे (09 अक्टूबर)

चंद्रास्त का समय: सायं 04:29 बजे

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: सिंह राशि में (अगले दिन तड़के 03:18 बजे, 09 अक्टूबर तक), फिर कन्या राशि में प्रवेश

आज का शुभ मुहूर्त 08 अक्टूबर 2026 :

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल : दोपहर 03 बजकर 01 मिनट से सायं 04 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।

प्रदोष पूजा मुहूर्त : शाम 05 बजकर 59 मिनट से रात 08 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 08 अक्टूबर 2026 :

शुभ (उत्तम) : सुबह 06 बजकर 18 मिनट से 07 बजकर 45 मिनट तक।

रोग (सामान्य) : सुबह 07 बजकर 45 मिनट से 09 बजकर 13 मिनट तक।

उद्वेग (अशुभ) : सुबह 09 बजकर 13 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक।

चर (सामान्य) : सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 08 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 08 अक्टूबर 2026 :

राहुकाल : दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

गुलिक काल : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

यमगंड : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शुभ समय

प्रदोष पूजा मुहूर्त: 08 अक्टूबर, शाम 05:59 से रात 08:27 बजे तक अवधि: 02 घंटे 28 मिनट

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 07 अक्टूबर, रात 11:16 बजे

त्रयोदशी तिथि समाप्त: 08 अक्टूबर, रात 10:15 बजे

आज का उपाय :आज गुरुवार व गुरु प्रदोष व्रत के पावन अवसर पर भगवान शिव और विष्णु जी की पूजा करें, शिवलिंग पर जल व चने की दाल अर्पित करें और शिव चालीसा का पाठ करें।