September 30, 2026

आईजी अभिषेक शांडिल्य ने पुलिस सेवा के लिये दिये अतिआवश्यक दिशा निर्देश

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आईजी अभिषेक शांडिल्य ने पुलिस सेवा के लिये दिये अतिआवश्यक दिशा निर्देश

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

दुर्ग – पुलिस लाइन दुर्ग स्थित दधीचि सभागार में प्रशिक्षणाधीन 47 उप निरीक्षकों एवं 01 सूबेदार के लिये प्रशिक्षण समीक्षा एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य द्वारा प्रशिक्षणार्थियों की प्रशिक्षण अवधि के दौरान अर्जित व्यावसायिक ज्ञान , अनुशासन , कार्यशैली एवं व्यवहारिक दक्षता की विस्तृत समीक्षा की गई तथा भविष्य की पुलिस सेवा के लिये आवश्यक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किये गये।

अपने उद्बोधन में पुलिस महानिरीक्षक महोदय ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि प्रत्येक पुलिस अधिकारी के सम्पूर्ण सेवा जीवन की सबसे महत्वपूर्ण एवं आधारभूत अवस्था होती है। इस दौरान अर्जित ज्ञान , अनुशासन एवं कार्य संस्कृति ही भविष्य में उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी बनने की नींव रखती है।

डिजिटल और तकनीकी पुलिसिंग पर विशेष जोर

उन्होंने प्रशिक्षुओं को सदैव शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ एवं सक्षम रहने , अनुशासन , ईमानदारी , संवेदनशीलता तथा निष्पक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और कानून सम्मत एवं जनहितकारी पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। उन्होंने वर्तमान समय में पुलिसिंग में तेजी से हो रहे तकनीकी परिवर्तनों का उल्लेख करते हुये सीसीटीएनएस , ऑनलाइन चालान प्रणाली , ई-साक्ष्य संकलन , ई-एफएसएल , समन्वय पोर्टल , मेडलीपार , नेटग्रिड सहित अन्य डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग में दक्षता प्राप्त करने पर विशेष बल दिया।

साथ ही वैज्ञानिक अनुसंधान , गुणवत्तापूर्ण केस डायरी लेखन , समयबद्ध विवेचना , डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण , अभियोजन की गुणवत्ता तथा न्यायालयीन प्रक्रिया को मजबूत बनाने के संबंध में विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया।उन्होंने प्रशिक्षुओं को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना करें , पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग को प्राथमिकता दें तथा आम नागरिकों के साथ संवेदनशील एवं सकारात्मक व्यवहार बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिस अधिकारी को कानून के साथ-साथ तकनीक , व्यवहार , नेतृत्व क्षमता एवं प्रभावी संवाद कौशल में भी दक्ष होना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों द्वारा अनुसंधान , साइबर अपराध , तकनीकी पुलिसिंग , विवेचना , न्यायालयीन कार्यवाही एवं दैनिक पुलिस कार्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासायें प्रस्तुत की गईं , जिनका पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया तथा उन्हें उत्कृष्ट , अनुशासित एवं उत्तरदायी पुलिस अधिकारी बनने हेतु प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी मणिशंकर चन्द्रा , सहायक नोडल अधिकारी एवं डीएसपी लाइन चंद्र प्रकाश तिवारी तथा रक्षित निरीक्षक नीलकंठ सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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