जशपुर के इतिहास में स्वर्णिम दिन: धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल लाइन को मंजूरी, देश के रेल मानचित्र पर चमकेगा जिला
जशपुर के इतिहास में स्वर्णिम दिन: धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल लाइन को मंजूरी, देश के रेल मानचित्र पर चमकेगा जिला
जशपुर/रायपुर, 14 जून 2026,जशपुर जिले के विकास के इतिहास में 13 जून 2026 की तारीख एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को ‘विशेष रेल परियोजना’ के रूप में अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही जशपुर वासियों का दशकों पुराना सपना सच होने जा रहा है और जिला पहली बार सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है।
यह केवल एक रेल पटरी का बिछना नहीं है, बल्कि इस वनांचल क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की एक नई सुबह है।
जानिए कितनी लंबी होगी यह रेल लाइन?
भारत के राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, रेल अधिनियम 1989 के तहत इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दी गई है।
कुल लंबाई: लगभग 291.881 किलोमीटर।
रूट: यह रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से शुरू होकर, जशपुर के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक जाएगी।
प्रयास: यह ऐतिहासिक सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष और निरंतर प्रयासों का प्रतिफल है।
इस रेल लाइन से कैसे बदलेगी जशपुर की तस्वीर और तकदीर?
सड़क मार्ग पर निर्भरता खत्म होने से जशपुर के नागरिकों को सुरक्षित और किफायती सफर तो मिलेगा ही, साथ ही इसके दूरगामी परिणाम भी होंगे:
1. किसानों और स्थानीय उद्यमियों की चमकेगी किस्मत
जशपुर अपनी जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन और बागवानी फसलों के लिए जाना जाता है। रेल संपर्क शुरू होने से यहां के ताजे उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक बहुत कम परिवहन लागत में पहुंच सकेंगे, जिससे किसानों को सीधा मुनाफा होगा।
2. जशपुर के पर्यटन को मिलेंगी ‘नई पटरी’
अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, खूबसूरत जलप्रपातों और धार्मिक स्थलों के लिए मशहूर जशपुर में अब पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। इससे स्थानीय होटल, हस्तशिल्प, गाइड और परिवहन व्यवसाय से जुड़े युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
3. शिक्षा और इलाज के लिए नहीं होना पड़ेगा बेबस
अब तक गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक ले जाने में समय और पैसा दोनों बहुत खर्च होता था। इस रेल लाइन के आने से उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले छात्र-छात्राओं और बड़े अस्पतालों तक पहुंचने वाले मरीजों के लिए सफर बेहद सुगम हो जाएगा।
