भारी बारिश या तूफान की चेतावनी
भारी बारिश या तूफान की चेतावनी
नई दिल्ली। देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई राज्यों में भारी वर्षा और तूफानी हवाओं की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में 28 सितंबर की सुबह एक निम्न दबाव का क्षेत्र गोपालपुर के पास दक्षिणी ओडिशा तट को पार कर गया।
यह क्षेत्र अब दक्षिणी आंतरिक ओडिशा के ऊपर स्थित है और अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होकर सामान्य निम्न दबाव में बदलने की संभावना है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि यदि यह स्थिति ऐसे ही बनी रही तो छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी भारी चक्रवात आने की संभावना बढ़ सकती है।
इस कारण देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। विशेषकर महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रहने की उम्मीद है।
भारत में भारी बारिश और तूफानों का अलर्ट:
महाराष्ट्र-गुजरात में रेड अलर्ट जारी
1. बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि बंगाल की खाड़ी में 28 सितंबर की सुबह 4:30 बजे एक निम्न दबाव का क्षेत्र गोपालपुर (ओडिशा) के पास दक्षिणी तट पार कर गया। यह क्षेत्र अब दक्षिणी आंतरिक ओडिशा के ऊपर है और अगले 24 घंटों में कमजोर होकर सामान्य निम्न दबाव में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
2. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में चक्रवात का खतरा
IMD ने चेतावनी दी है कि यदि यह निम्न दबाव क्षेत्र बढ़ता रहा, तो छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भारी चक्रवात के लक्षण देखने को मिल सकते हैं। पहले से ही इन राज्यों के लिए आगामी दिनों में मौसम की गाइडलाइन जारी की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है, जिसमें कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है।
3. महाराष्ट्र और गुजरात में रेड अलर्ट
महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्सों में IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाएं और तूफानी गतिविधि की संभावना है। स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
4. तेज हवाओं की संभावना
अक्टूबर के पहले हफ्ते तक देश के कई हिस्सों में तेज हवाओं की चेतावनी है। दक्षिण बंगाल की खाड़ी, मध्य बंगाल की खाड़ी, श्रीलंका तट, आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु और अंडमान सागर के ऊपर हवाएं 45-55 किमी प्रति घंटे की गति से चल सकती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में 65 किमी प्रति घंटे तक तूफानी हवाओं का खतरा है।
5. पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं की स्थिति
गुजरात, कोंकण, गोवा, केरल तट, लक्षद्वीप और मन्नार की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाओं की संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार में गरज के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
6. बिहार, झारखंड और तेलंगाना में तूफान
बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं की संभावना है। इन राज्यों में घरों की सुरक्षा और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
7. भारी और अत्यधिक भारी बारिश के क्षेत्रों की सूची
सौराष्ट्र और कच्छ में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि गुजरात क्षेत्र, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी है। अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
8. गरज और बिजली गिरने की चेतावनी
राजस्थान, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है। लोगों को बिजली उपकरणों और ओपन एरिया में रहने से बचने की सलाह दी गई है।
9. वर्तमान मौसम की स्थिति का विवरण
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और मध्य भाग में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब चक्रवाती अवदाब में बदल चुका है। यह अवदाब गोपालपुर और आसपास के क्षेत्रों में केंद्रित है और पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। दक्षिणी ओडिशा और छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने की संभावना है।
10. ट्रफ रेखा और नए दबाव क्षेत्र की संभावना
गोवा तक मध्य और निचले वायुमंडलीय स्तरों में बनी ट्रफ रेखा बारिश को और तेज कर सकती है। इसके अलावा, 30 सितंबर को उत्तरी अंडमान सागर में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जिससे 1 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है।
11. पूर्व और मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान
27, 28 सितंबर और 2-3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 27-30 सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अंडमान-निकोबार में 27-30 सितंबर तक हल्की-मध्यम बारिश की संभावना। पश्चिम बंगाल, मस्शक्कम और बिहार में 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक तूफान और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।
12. पश्चिम भारत का मौसम पूर्वानुमान
कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मराठवाड़ा में 27-29 सितंबर तक। सौराष्ट्र और कच्छ में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला जारी। 28-29 सितंबर को उत्तरी कोंकण, मध्य महाराष्ट्र के घाट और दक्षिण गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा।
13. उत्तर-पूर्व भारत का मौसम पूर्वानुमान
असम और मेघालय में 27, 28 सितंबर और 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश होगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 सितंबर से 3 अक्टूबर तक भारी बारिश और तूफानी गतिविधि की संभावना। 2-3 अक्टूबर को इन इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
14. दक्षिण भारत का मौसम पूर्वानुमान
तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश और भारी बारिश। केरल, माहे, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 27-28 सितंबर को बहुत भारी बारिश। अगले पांच दिनों तक तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे)।
15. उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली/एनसीआर का मौसम
उत्तर प्रदेश में 27-28 सितंबर को धूल भरी आंधी और तूफान के आसार। पूर्वी राजस्थान में अगले सात दिनों तक तूफान। दिल्ली/एनसीआर में 27-28 सितंबर को मुख्यतः साफ मौसम, दोपहर और शाम को आंशिक बादल। तापमान 35-37°C, सामान्य से 1-2°C अधिक। हवा 8-15 किमी/घंटा की गति से।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, देश के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड महाराष्ट्र में 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र तथा कच्छ के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। पश्चिम-मध्य अरब सागर के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र, सोमालिया तट और आसपास के क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है और कुछ स्थानों पर यह गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इस दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी, मध्य बंगाल की खाड़ी, श्रीलंका तट के आस-पास, आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु के तट और अंडमान सागर के ऊपर हवाएं तेज़ गति से चल सकती हैं और तूफानी मौसम का खतरा बना रहेगा। पश्चिमी तट और गुजरात, कोंकण, गोवा, कर्नाटक और केरल तट के आसपास हवाओं की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
लक्षद्वीप और मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र में भी तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज और बिजली के साथ तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफान आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सौराष्ट्र और कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है, वहीं कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका भी है। गुजरात क्षेत्र, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी विभिन्न स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।
इसके अतिरिक्त असम और मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के गंगा मैदानी इलाके, आंतरिक कर्नाटक, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और समीपवर्ती मध्य भाग में बने निम्न दबाव के क्षेत्र ने चक्रवाती अवदाब का रूप ले लिया है। यह अवदाब गोपालपुर से 70 किलोमीटर पश्चिम और गुनुपुर से 50 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित था और यह पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। दक्षिणी ओडिशा और छत्तीसगढ़ के हिस्सों से होकर गुजरने की संभावना के कारण स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
गोवा तक मध्य और निचले वायुमंडलीय स्तरों में एक ट्रफ रेखा भी बनी हुई है, जो बारिश को और तेज कर सकती है। 30 सितंबर को उत्तरी अंडमान सागर में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 1 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है।
पूर्व और मध्य भारत के मौसम की स्थिति भी अस्थिर बनी हुई है। 27 और 28 सितंबर तथा 2 और 3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 27 से 30 सितंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 27 से 30 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि बिहार और झारखंड में 2 और 3 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का खतरा भी है। इसी दौरान 27 से 3 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल, मस्शक्कम और बिहार में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।

