August 11, 2026

मौसम बदलते ही बढ़ जाता है बुजुर्गों में बीपी की समस्या, इन आसान उपायों से रखें विशेष ख्याल

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मौसम बदलते ही बढ़ जाता है बुजुर्गों में बीपी की समस्या, इन आसान उपायों से रखें विशेष ख्याल

ब्लड प्रेशर की समस्या: बुजुर्गों में बदलते मौसम के दौरान ब्लड प्रेशर (BP) के उतार-चढ़ाव होना आम बात है. मौसमी बदलाव खासकर ठंड, उमस या अचानक मौसम बदलने पर शरीर की ब्लड वेसल्स और हार्ट पर सीधा असर डालते हैं. यह समस्या बुजुर्गों में और भी गंभीर हो सकती है, खासकर उन लोगों में जो पहले से ही हाई या लो बीपी के मरीज हैं. आइए जानते हैं उन सावधानियों की, जो बुजुर्गों को बदलते मौसम में ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखने में मदद कर सकती हैं.

बदलते मौसम में बीपी कंट्रोल करने के लिए जरूरी सावधानियां

1. नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक करें: घर पर डिजिटल बीपी मॉनिटर रखें और रोज एक ही समय पर BP चेक करें. अचानक चक्कर आना, धड़कन तेज होना या कमजोरी लगे तो तुरंत BP मापें और डॉक्टर से संपर्क करें.

2. दवाएं समय पर लें: BP की दवा भूलना या अनियमित लेना खतरनाक हो सकता है. डॉक्टर की सलाह के बिना दवा की मात्रा न घटाएं और न ही बढ़ाएं.

3. मौसम के अनुसार कपड़े पहनें: ठंड के मौसम में गर्म कपड़े पहनना जरूरी है ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे. ज्यादा गर्मी में हल्के और ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर को ठंडक मिले.

4. हाइड्रेशन का ध्यान रखें: शरीर में पानी की कमी BP को प्रभावित कर सकती है. गर्मियों में अधिक पानी पिएं, जबकि ठंड में गुनगुना पानी लें.

5. नमक और फैट का सेवन सीमित करें: ज्यादा नमक या फैट वाला खाना ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है. BP पेशेंट्स के लिए लो-सोडियम डाइट अपनाना फायदेमंद होता है.

6. हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें: मौसम के अनुसार मॉर्निंग वॉक या योग करें, लेकिन ठंडी या बारिश में बाहर न निकलें. घर के अंदर स्ट्रेचिंग या ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें.

7. तनाव से बचें: बदलते मौसम में मूड स्विंग्स और बेचैनी हो सकती है, जिससे BP प्रभावित होता है. मेडिटेशन, संगीत या मनपसंद गतिविधियों से तनाव को दूर रखें.

8. सर्दियों में विशेष ध्यान: नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च के अनुसार, सर्दियों में BP सामान्य से अधिक होता है. गर्म पानी से स्नान करें, बॉडी को गर्म रखें और बाहर जाने से पहले पूरी तैयारी करें.

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

1- बीपी लगातार हाई या लो बना रहे.
2- चक्कर आना, घबराहट, सिर दर्द या सांस लेने में तकलीफ हो.
3- किसी भी दवा का असर न हो रहा हो या साइड इफेक्ट्स महसूस हों.