प्रतिभाओं का सम्मान समाज के अन्य लोगों को आगे बढ़ने की देता है प्रेरणा – महामहिम राज्यपाल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर – समाज की प्रतिभाओ को सम्मानित करना उनके भीतर सकारात्मक प्रेरणा जगाने का उत्कृष्ट प्रयास है। जब हम किसी व्यक्ति की मेहनत और उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करते है तो हम सिर्फ उसका मनोबल नही बढ़ाते , बल्कि समाज के अन्य लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते है।
उक्त बातें महामहिम राज्यपाल रमेन डेका ने आज सेन समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कही। सेन समाज के महिला विंग द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा समाज के सभी जिलों के महिला अध्यक्षों , प्रतिभावान विद्यार्थियों , खिलाड़ियों एवं विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली और प्रेरणादायक है। यह समाज ना केवल पारंपरिक बाल केश कला में निपुण रहा है बल्कि समय के साथ शिक्षा , स्वास्थ्य और व्यवसाय के अनेक क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहा है। यह प्रतिभा सम्मान समारोह समाज की उन्नति और समाज के लोगों की मेहनत का प्रतीक है। राज्यपाल ने सेन समाज की महिलाओं को बधाई देते हुये कहा कि इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुये महिलाओं ने यह सिद्ध किया है कि सशक्त नारी ही सशक्त समाज की नींव है। महिला विंग ने इस आयोजन के माध्यम से संगठन को मजबूत किया है और आने वाली पीढ़ियों को दिशा देेने का कार्य किया है। आज की महिलायें घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों को भी अच्छी तरह निभा रही हैं।
यह परिवर्तन समाज को नई ऊर्जा दे रहा है। राज्यपाल ने कहा कि हमे यह भी याद रखना जरूरी है कि सम्मान केवल पद , डिग्री या पैसे से नहीं मिलता बल्कि हमारे आचरण , सेवा एवं समर्पण से प्राप्त होता है। उन्होंने समाज के हर उस व्यक्ति को नमन किया जो निस्वार्थ भाव से अपने आस-पास के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे है। राज्यपाल डेका ने भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का जिक्र किया जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं एक जन नायक थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य मेंजहां जनजातीय, ग्रामीण और शहरी सभी प्रकार की सामाजिक संरचनायें एक साथ जुड़ी हुई है वहां सामाजिक संगठनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सेन समाज आने वाले वर्षों में प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने समाज के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण , उद्यमिता और डिजिटल शिक्षा की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता बताई जिससे वे आत्म निर्भर बन सके , साथ ही अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपरा को भी बनाये रखने की बात कही। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन प्रदेशाध्यक्ष , छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज (महिला विंग) एवं छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज के पदाधिकारी सहित सेन समाज के सदस्य उपस्थित थे।
