May 2, 2026

नक्सलियों के खिलाफ 700 जवानों का 36 घंटे तक लगातार ऐक्शन

Janwan

नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के पास गरियाबंद के जंगलों में सुरक्षाबलों की कार्रवाई में सोमवार-मंगलवार को 14 नक्सलियों के शव मिलने के बाद बुधवार को दो और नक्सलियों के शव बरामद हुए। इस ऑपरेशन में अब तक 16 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। शव खोजने का काम जारी है। इस ऑपरेशन को सीआरपीएफ कोबरा, एसओजी ओडिशा और छत्तीसगढ़ पुलिस के 700 से अधिक जवानों ने 36 घंटे तक बिना सोए नॉन-स्टॉप ड्रोन, डॉग स्क्वायड और टेक्नॉलजी की मदद से अंजाम दिया।
छत्तीसगढ़ में गरियाबंद के SP निखिल अशोक कुमार राखेजा ने NBT को बताया कि ऑपरेशन में मारे गए नक्सलियों में से एक करोड़ रुपये का इनामी जयराम उर्फ चलपति समेत कम से कम छह नक्सलियों के बड़े कमांडर थे क्योंकि नक्सलियों में छोटे काडर के सदस्य आम तौर पर देसी पिस्तौल और अन्य हथियार रखते हैं जबकि एरिया कमांडर और इससे ऊपर के नक्सली एके-47, इंसास रायफल और अन्य ऑटोमैटिक हथियार रखते हैं। इस ऑपरेशन में मारे गए सभी नक्सलियों की पहचान की जा रही है।
सुरक्षा बल अलर्ट
नक्सलियों के इस बड़े ग्रुप का खात्मा होने से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। ऐसे में सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में नक्सली इसका बदला लेने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में खास तौर से सड़क मार्ग का इस्तेमाल करने वाले सुरक्षाबलों के काफिले और कैंप्स में रह रहे सुरक्षाबलों को काफी सतर्क रहने की जरूरत होगी। मामले में एक अधिकारी ने बताया कि इससे बचने के लिए भी योजना बनाई जा रही है। मारे गए 16 नक्सलियों में से नक्सलियों की सेंट्रल कमिटी के सदस्य जयराम के ऊपर ही करीब 50 मामले दर्ज हैं। पूरे ग्रुप के ऊपर 100 से अधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। अभी इसकी लिस्ट तैयार की जा रही है।
बोकारो में दो नक्सली ढेर
आईबी और पुलिस के सटीक इनपुट पर काम करते हुए बुधवार को झारखंड पुलिस और 209 कोबरा के संयुक्त बलों द्वारा झारखंड के बोकारो जिले में एक अलग ऑपरेशन चलाया गया। बुधवार सुबह हुए एनकाउंटर में दो नक्सली ढेर हो गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि इनके पास से एक एके-47, दो इंसास रायफल समेत तीन हथियार बरामद किए गए हैं। मारे गए नक्सलियों की पहचान शांति और मनोज के रूप में हुई है। शांति की पहचान जिला गिरिडीह के थाना खूखरा के गांव चतरो के निवासी के रूप में हुई है जो नक्सली टीम का यहां एरिया कमांडर था। वहीं, मनोज की पहचान गिरीडीह जिले के ही गांव धावातार के निवासी के रूप में हुई है।