आज दोपहर से रात तक चंद्रग्रहण के 9 घंटे के सूतक, इस दौरान क्या करें, क्या ना करें…
आज दोपहर से रात तक चंद्रग्रहण के 9 घंटे के सूतक, इस दौरान क्या करें, क्या ना करें
भाद्रपद पूर्णिमा यानी 7 सितंबर को आज पूर्णिमा तिथि पर खग्रास चंद्रग्रहण होगा। इस साल का चंद्रग्रहण इसलिए खास है, क्योंकि यह भारत में नजर आ रहा है, ग्रहण जहां दिखता है, वहां इसका सूतक काल माना जाता है। इस ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य है।
7 सितंबर आज पूर्णिमा तिथि पर खग्रास चंद्रग्रहण होगा। इस साल का चंद्रग्रहण इसलिए खास है, क्योंकि यह भारत में नजर आ रहा है, ग्रहण जहां दिखता है, वहां इसका सूतक काल माना जाता है। इस ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य है। आज ग्रहण का सूतक दोपहर 12.58 बजे से शुरू होगा। सूतक काल में बच्चों, बुजुर्गों, रोगियों, आदि के लिए नियम में छूट है।
सूतक ग्रहण के स्पर्श समय से 9 घंटे पहले शुरू होकर ग्रहण के समाप्त होने पर खत्म होगा। चंद्रग्रहण का स्पर्श काल रात 9.53 बजे से शुरू होगा। खग्रास चंद्रग्रहण रात 11.39 बजे शुरू होगा। मोक्षकाल मध्यरात्रि 1.25 बजे होगा। आपको बता दें कि ग्रहण के सूतक और ग्रहण काल में स्नान, दान, जप, पाठ, मंत्र, तीर्थ स्नान, ध्यान आदि शुभ कर्मों को करना अच्छा माना जाता है।सूतक एवं ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श करना वर्जित है। भोजन करना, नींद लेना, नाखून काटना आदि से बचना चाहिए, इस समय भगवान में ध्यान लगाएं। ग्रहण प्रारंभ : रात 9:57 बजे खग्रास प्रारंभ : रात 11:01 बजे ग्रहण मध्य : रात 11 बजकर 42 बजे खग्रास समाप्त : रात 12:23 बजे ग्रहण समाप्त : रात 1:27 बजे पर्व काल : 3 घंटे 30 मिनट
हिन्दू धर्म में ग्रहण को लेकर नियम और विशेष मान्यता है। मान्यता है कि इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, पूजा-पाठ, हवन आदि वर्जित होते हैं। यही कारण है कि प्रमुख मंदिरों में ग्रहण काल के दौरान पट बंद रहेंगे। गर्भवती महिलाओं को खास सावधान रहना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, ग्रहण के दौरान राहु आदि ग्रहों के नेगेटिव ऊर्जा काफी बढ़ जाती है। सूतक लगने के साथ पके हुए भोजन में तुलसी के पत्ते रख देने चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि तुलसी इनको अशुद्ध होने से बचाती है। वहीं ग्रहण के बाद स्नान करें और दान जरूर करें।
चंद्र ग्रहण के दौरान किन मंत्रों का जाप करना चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को एक अशुभ घटना माना गया है। मान्यता है कि इस समय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ी हुई रहती है और ग्रहों का भी अशुभ प्रभाव रहता है। ग्रहण के समय ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए कुछ मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।
1. चंद्रग्रहण के दौरान भगवान शिव को समर्पित महामृत्युंजय मंत्र ‘ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्’ और चंद्रमा का मंत्र ”ऊं श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः” का 108-108 बार जप करना चाहिए।
2. आप चंद्र ग्रहण के कारण नकारात्मक प्रभाव महसूस करते हैं तो, इस समय बजरंग बाण और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
कुंभ राशि में लगेगा यह चंद्र ग्रहण: आज का चंद्र ग्रहण भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि को लग रहा है। इसके साथ ही पितृ पक्ष भी आरंभ हो गए हैं। साल का दूसरा चंद्र ग्रहण शनि की राशि कुंभ में लगेगा। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। ग्रहण के समय चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद और शतभिषा नक्षत्र में विराजमान होंगे।
चंद्र ग्रहण किस समय होगा शुरू: भारतीय समय के अनुसार, रात्रि 9.57 बजे से 1.26 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही रात्रि 11.09 बजे पर इसका स्पर्शकाल शुरू होगा, रात्रि 11.42 बजे चंद्र ग्रहण का मध्यकाल होगा, जबकि रात्रि 12.23 बजे से इसका मोक्ष काल शुरू होगा। इस प्रकार यह 3 घंटे 29 मिनट रहने वाला है। चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले से शुरू हो जाता है, इस हिसाब से चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12.57 बजे से प्रारंभ हो जाएगा।
सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए: धर्म शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण के सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस दिन पूजा-अर्चना और किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान नहीं करने चाहिए, कहा जाता है कि इस दिन गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें इस दौरान घर से बाहर जाने से बचना चाहिए, इस दिन गर्भवती महिलाओं को किसी भी तरह के औजारों का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
