एशियन गेम्स 2026 में भारत का जलवा, 5 एथलीटों ने जीते 15 मेडल
खेल ~जापान के आइची-नागोया में आयोजित Asian Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया। भारत ने इस बार कुल 85 पदक अपने नाम किए, जिसमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत अंतिम पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। तीरंदाजी, शूटिंग और एथलेटिक्स सहित कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया।
इस पूरे अभियान की खास बात पांच भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा। कुमकुम अनिल मोहोड, नीरू ढांडा, थिरुमुरु गणेश मणि रत्नम, विध्या रामराज और गुलवीर सिंह ने तीन-तीन पदक जीतकर कुल 15 मेडल अपने नाम किए। इनमें किसी ने इतिहास रचा तो किसी ने लंबे समय से चले आ रहे इंतजार को खत्म किया।
**कुमकुम अनिल मोहोड – 3 मेडल**
भारतीय तीरंदाज कुमकुम अनिल मोहोड Asian Games 2026 की सबसे बड़ी भारतीय स्टार खिलाड़ियों में शामिल रहीं। उन्होंने दो गोल्ड और एक सिल्वर समेत कुल तीन पदक जीते। कुमकुम ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा। वह एशियन गेम्स में इस स्पर्धा का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इसके अलावा उन्होंने महिला रिकर्व टीम में भी गोल्ड जीता। मिक्स्ड टीम रिकर्व में धीरज बोम्मदेवरा के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया।
**नीरू ढांडा – 3 मेडल**
शूटिंग में नीरू ढांडा ने भारत के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया। नीरू ने कुल तीन पदक अपने नाम किए, जिनमें दो गोल्ड और एक सिल्वर शामिल रहा। उन्होंने महिला व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग में गोल्ड जीतकर भारत का लंबा इंतजार खत्म किया। इसके बाद काइनन चेनाई के साथ मिक्स्ड ट्रैप टीम में भी गोल्ड जीता। महिला ट्रैप टीम इवेंट में नीरू, मनीषा कीर और आशिमा अहलावत की टीम ने सिल्वर मेडल हासिल किया। नीरू का प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि व्यक्तिगत ट्रैप में उनके स्वर्ण ने भारत के 48 साल के इंतजार को समाप्त किया।
**थिरुमुरु गणेश मणि रत्नम – 3 मेडल**
भारतीय तीरंदाजी के लिए थिरुमुरु गणेश मणि रत्नम भी बड़े पदकवीर साबित हुए। उन्होंने तीन पदक जीते, जिनमें दो गोल्ड और एक ब्रॉन्ज शामिल रहा। गणेश भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम का हिस्सा रहे, जिसने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके अलावा उन्होंने कंपाउंड की एक और टीम स्पर्धा में स्वर्ण सफलता हासिल की, जबकि पुरुष व्यक्तिगत कंपाउंड में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस तरह तीरंदाजी में भारत की मजबूत पदक संख्या में उनका अहम योगदान रहा।
**विध्या रामराज – 3 मेडल**
भारतीय एथलेटिक्स में विध्या रामराज का प्रदर्शन भी बेहद खास रहा। उन्होंने अलग-अलग स्पर्धाओं में तीन पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनके खाते में एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल आया। महिला 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीम ने गोल्ड जीता, जबकि मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में भारत ने सिल्वर हासिल किया। विध्या ने अपने अभियान का अंत तीन पदकों के साथ किया और राष्ट्रीय रिकॉर्ड से जुड़ी उपलब्धि भी दर्ज की।
**गुलवीर सिंह – 3 मेडल**
लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने Asian Games 2026 में इतिहास रच दिया। उन्होंने पांच दिनों के भीतर चार रेस में हिस्सा लिया और तीन पदक जीत लिए। गुलवीर ने पुरुषों की 10,000 मीटर में सिल्वर, 1500 मीटर में सिल्वर और 5000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ वह एक ही एशियन गेम्स में तीन एथलेटिक्स पदक जीतने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
इन पांच खिलाड़ियों की उपलब्धि को जोड़ें तो अकेले इनके खाते में 15 पदक आए। खास बात यह है कि इन खिलाड़ियों ने तीरंदाजी, शूटिंग और एथलेटिक्स जैसे अलग-अलग खेलों में भारत की ताकत दिखाई। इनके प्रदर्शन ने यह भी साबित किया कि भारत की पदक उम्मीदें अब केवल कुछ चुनिंदा खेलों या खिलाड़ियों तक सीमित नहीं हैं।
भारत ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में कुल 85 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। इनमें एथलेटिक्स ने सबसे अधिक 24 पदक दिए, जबकि शूटिंग से 15 और तीरंदाजी से 9 पदक आए। तीरंदाजी भारत के लिए पांच स्वर्ण के साथ सबसे सफल गोल्ड दिलाने वाले खेलों में शीर्ष पर रही।
हालांकि भारत पिछली बार के रिकॉर्ड पदक प्रदर्शन को नहीं दोहरा पाया, लेकिन कई ऐतिहासिक उपलब्धियों ने Asian Games 2026 को यादगार बना दिया। खासकर कुमकुम, नीरू, गणेश, विध्या और गुलवीर जैसे मल्टी-मेडल विजेताओं ने दिखाया कि भारतीय खेलों में नई पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब इन खिलाड़ियों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक में भी बड़ी उम्मीदें रहेंगी।
