भारत U17 महिला टीम की एशियन कप क्वालिफायर में चुनौती
दिल्ली : भारत की अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम सोमवार को मलेशिया के सेलायांग स्थित एमपी सेलायांग स्टेडियम में इराक के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। भारतीय टीम एएफसी U17 महिला एशियन कप चीन 2027 क्वालिफायर के ग्रुप ई के अपने पहले मुकाबले में मैदान पर उतरेगी। ‘यंग टाइग्रेस’ की नजरें इस मुकाबले में सकारात्मक शुरुआत करने के साथ-साथ लगातार दूसरी बार एएफसी U17 महिला एशियन कप के लिए क्वालीफाई करने पर हैं।
भारतीय टीम के लिए यह क्वालिफिकेशन अभियान इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले संस्करण में उसने पहली बार प्रतियोगिता के नॉकआउट चरण में जगह बनाकर इतिहास रचा था। चीन में आयोजित पिछले एएफसी U17 महिला एशियन कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक का उसका सबसे शानदार अभियान रहा। टीम ने ग्रुप चरण से आगे बढ़ते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था।
पिछले अभियान से मिला आत्मविश्वास
चीन में भारतीय महिला टीम का ऐतिहासिक सफर क्वार्टर फाइनल में मेजबान चीन के खिलाफ 0-3 की हार के साथ समाप्त हुआ था। हालांकि, इस हार के बावजूद टूर्नामेंट में नॉकआउट चरण तक पहुंचना भारतीय महिला फुटबॉल के लिए बड़ी उपलब्धि रही।अब मौजूदा टीम उसी प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी। पिछले अभियान का अनुभव खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को दबाव में प्रदर्शन करने और बड़े मुकाबलों के लिए खुद को तैयार करने का अनुभव मिला है।
11 खिलाड़ी फिर टीम का हिस्सा
पिछले अभियान में शामिल खिलाड़ियों में से 11 की मौजूदा 23 सदस्यीय टीम में वापसी हुई है। इससे टीम में अनुभव और निरंतरता का संतुलन नजर आता है। इन खिलाड़ियों को पहले ही बड़े मंच पर खेलने का अनुभव मिल चुका है और अब वे अपनी टीम के लिए एक बार फिर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की कोशिश करेंगी।कोचिंग स्टाफ के लिए भी यह एक सकारात्मक पहलू है क्योंकि टीम के कुछ खिलाड़ी एएफसी स्तर के मुकाबलों की परिस्थितियों से परिचित हैं। नए खिलाड़ियों के साथ अनुभवी खिलाड़ियों का तालमेल भारतीय टीम के अभियान में अहम भूमिका निभा सकता है।
जुलाई से चल रही तैयारी
भारतीय टीम ने क्वालिफायर की तैयारी काफी पहले शुरू कर दी थी। ‘यंग टाइग्रेस’ जुलाई से बेंगलुरु में तैयारी कर रही हैं। इस दौरान टीम ने फिटनेस, तकनीक, रणनीति और मैच की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अभ्यास किया।क्वालिफायर जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से पहले लंबे तैयारी शिविर का उद्देश्य खिलाड़ियों को एक इकाई के रूप में तैयार करना होता है। टीम के बीच आपसी तालमेल, पासिंग, गेंद पर नियंत्रण और रक्षात्मक संगठन जैसे पहलुओं पर भी काम किया गया होगा।
ताशकंद में खेले दो अभ्यास मैच
बेंगलुरु में तैयारी के बाद भारतीय टीम ताशकंद पहुंची, जहां उसने उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो क्लोज्ड-डोर फ्रेंडली मुकाबले खेले। दोनों मैच गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुए।हालांकि इन दोनों मुकाबलों में कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन ऐसे अभ्यास मैच खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की परिस्थितियों के लिए तैयार करने में उपयोगी होते हैं। टीम को अपनी रणनीति को परखने और खिलाड़ियों के बीच तालमेल मजबूत करने का अवसर मिला।क्वालिफायर के मुकाबलों में उतरने से पहले उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैचों ने भारतीय टीम को अपनी कमियों पर काम करने और मुकाबले के दबाव को समझने का मौका दिया होगा।
इराक के खिलाफ पहली चुनौती
अब भारत का पहला मुकाबला इराक से है। ग्रुप चरण में शुरुआत का मुकाबला किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होता है। जीत के साथ अभियान शुरू करने से टीम को आगे के मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास मिलेगा, जबकि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट की परिस्थितियों में जल्दी ढलने में भी मदद मिलेगी।भारत की कोशिश शुरुआती मिनटों से ही नियंत्रण बनाए रखने की होगी। टीम के लिए आक्रमण के साथ-साथ रक्षात्मक मजबूती भी अहम रहेगी। पिछले अभियान में नॉकआउट तक पहुंच चुकी भारतीय टीम अब अपनी निरंतरता साबित करना चाहेगी।
लगातार दूसरी बार क्वालीफाई करने का लक्ष्य
भारतीय U17 महिला टीम का सबसे बड़ा लक्ष्य लगातार दूसरी बार एएफसी U17 महिला एशियन कप के लिए जगह बनाना है। पिछले संस्करण में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद टीम से उम्मीदें भी बढ़ी हैं।हालांकि, क्वालिफिकेशन अभियान में हर मुकाबला महत्वपूर्ण होगा। खिलाड़ियों को प्रत्येक मैच में एकाग्रता और निरंतरता बनाए रखनी होगी। टीम के पास पिछले टूर्नामेंट का अनुभव है, लेकिन मौजूदा अभियान पूरी तरह नई चुनौती है।
युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच
एएफसी U17 महिला एशियन कप क्वालिफायर भारतीय खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी पहचान बनाने का महत्वपूर्ण मंच है। इस स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को भविष्य में भारत की सीनियर महिला टीम तक पहुंचने का रास्ता मिल सकता है।यही कारण है कि ‘यंग टाइग्रेस’ के लिए यह अभियान सिर्फ क्वालीफिकेशन तक सीमित नहीं है। खिलाड़ियों के व्यक्तिगत विकास और भारतीय महिला फुटबॉल के भविष्य के लिहाज से भी यह प्रतियोगिता अहम है।
भारत सोमवार को इराक के खिलाफ मुकाबले से अपने अभियान की शुरुआत करेगा। पिछले संस्करण में बनाए गए इतिहास के बाद अब टीम की नजरें एक और उपलब्धि पर हैं। बेंगलुरु में जुलाई से चली तैयारी, ताशकंद में हुए अभ्यास मैच और पिछले एशियन कप का अनुभव भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार कर चुके हैं। अब इन तैयारियों को मैदान पर प्रदर्शन में बदलने की चुनौती ‘यंग टाइग्रेस’ के सामने होगी।
